Breaking News

महारानी पार्ट – 02

कांग्रेस पार्टी में तथाकथित ढाई ढाई साल मुख्यमंत्री के होने या न होने की बात होते रहती है। मध्यप्रदेश,राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ये फार्मूला। केवल जुबानी जमा खर्च का रहा। ढाई ढाई साल वाला मुद्दा कांग्रेस के शासन काल में “मेरी” उपसचिव कहलाने वाली महारानी सौम्या चौरसिया पर लागू होते जरूर दिख रहा है। कोयला घोटाला में ढाई साल जेल में गुजारने के बाद जमानत पर छूटी सौम्या चौरसिया को 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में दूसरी बार गिरफ़्तार कर लिया गया है।

भूपेश बघेल के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में सौम्या चौरसिया की स्थिति महारानी के समान ही थी। महत्वाकांक्षा की कुर्सी पर बैठकर चौतरफा भ्रष्ट्राचार का कीर्तिमान बनाया गया है। दरअसल सौम्या चौरसिया को इस बात का गुमान हो गया था कि वह भूपेश बघेल द्वारा इतनी संरक्षित है कि कोई उसका बाल बांका नहीं कर सकता है। कांग्रेस के शासनकाल में कुछ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों सहित राज्य के भी कुछ अधिकारियों की एक टोली बनी थी। जिनकी सुबह से रात पैसे बटोरने और रात अगले दिन कहां से पैसा आएगा ,इस उधेड़बुन में कटती थी।

एक घोटाले से कमाए गए करोड़ों अरबों रुपए से जी नहीं भरता था दूसरे घोटाले की योजना जमीन पर मूर्त रूप लेते दिखने लगती। महारानी ने अपना साम्राज्य ऐसा बनाया था कि घोटाले की राशि का अनिवार्य कमीशन घर पहुंचता था। कांग्रेस के ही शासन काल में महारानी सौम्या चौरसिया को जेल दाखिल कर दिया था। मुद्दा था कोयला घोटाला करने के लिए समीर विश्नोई,रानू साहू, अनिल टुटेजा सहित सूर्यकान्त तिवारी ,अनवर ढेबर के अलावा खनिज विभाग के अधिकारियों के मार्फत अवैध कमीशन खाना। पचा नहीं पाए, अनपाचक हो गई और जांच एजेंसी ने जेल पहुंचा दिया।

इस घटना ने भूपेश बघेल को भीतर तक हिला कर रख दिया।
सरकारी अधिकारी “मेरी” हो गई। समक्ष पत्रों के प्रथम पृष्ठ पर “मेरी उपसचिव” की गिरफ्तारी का दर्द उभरा । कानून को इस बात से कोई सरोकार नहीं था। जेल जरूर राज्य शासन का था। मुफ्त में सौम्या चौरसिया ने एक साल जेल में राजसी सुख का भोग किया।पांच सितारा सुविधा मिली थी। सत्ता क्या पलटी, अधिकारी भी पलट गई। सारी सुविधा बंद, सामान्य बंदी की श्रेणी में आ गई महारानी।

देश की बड़ी न्यायालय ने “ढाई साल” बाद छोड़ा था,राज्य बदर के शर्त पर। मई 2025को गुजरे छह महीने भी नहीं हुए थे कि कोयला घोटाले में जमानत पर बाहर आई सौम्या महारानी शराब घोटाले के जद में आ गई। इस बार ईडी ने गिरफ्तार किया है।

3200करोड़ के शराब घोटाले में सौम्या चौरसिया को एक निश्चित हिस्सा कवासी लखमा, चैतन्य बघेल, अनिल टुटेजा, निरंजन दास अनवर ढेबर , अरूणपति त्रिपाठी के समान ही मिलता था। सबसे कम 2 फीसदी भी मान ले तो 64 करोड़ रुपए होता है। बाप रे। राज्य में शासन भाजपा का है। इस बार सेंट्रल जेल में सौम्या चौरसिया की दूसरी बार एंट्री हो रही है। क्या फिर ढाई साल का वक्त कटेगा? ढाई चाहे जेल का हो या शनि का परेशान तो करता है।

Check Also

रिटायरमेंट के बाद ग्रेच्युटी से वसूली पड़ी भारी: वन विभाग को हाईकोर्ट से झटका, कर्मी को राशि लौटाने का आदेश

पिथौरा। सेवानिवृत्ति के बाद ग्रेच्युटी से राशि काटना वन विभाग को भारी पड़ गया। छत्तीसगढ़ …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *