Rambhadracharya on Shahrukh Khan: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(BCCI) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के निर्देश दिए हैं. वहीं बीसीसीआई के निर्देश के बाद शाहरुख खान ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को केकेआर से बाहर निकाल दिया है. इसको लेकर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने प्रतिक्रिया दी है. रामभद्राचार्य ने खुशी जाहिर करते हुए बीसीसीआई के फैसले का समर्थन किया है. इसके अलावा उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता और केकेआर के मालिक शाहरुख खान की आलोचना भी की है.
‘शाहरुख खान कब देश के हितैषी रहे हैं?’
चित्रकूट में स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा, ‘बीसीसीआई ने बहुत अच्छा काम किया है. शाहरुख खान देश के हितैषी कब रहे हैं? उनकी पत्नी तो अक्सर कहती रहती हैं कि इस देश में उनका दम घुटता है. ऐसे लोगों की मुझसे चर्चा ही नहीं करनी चाहिए. शाहरुख खान का ना तो कोई व्यक्तित्व है और ना ही अस्तित्व है.’
‘रामायण को राष्ट्र ग्रंथ घोषित किया जाना चाहिए’
इसके पहले शुक्रवार को जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे. इस दौरान भी शाहरुख खान पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था, ‘शाहरुख खान कभी भी देश के प्रति समर्पित नहीं रहे हैं. बांग्लादेश के खिलाड़ियों को टीम में शामिल करना ठीक नहीं है. शाहरुख खान का पूर्ण बहिष्कार होना चाहिए. रामायण को राष्ट्र ग्रंथ घोषित किया जाना चाहिए. मुझे उम्मीद है कि हम रामायण को राष्ट्र ग्रंथ घोषित करवा कर ही रहेंगे.’
बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान KKR से बाहर
बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर ने टीम से बाहर निकाल दिया है. बांग्लादेश में लगातार हो रहे हिंदुओं पर हमले के बाद बीसीसीआई ने केकेआर को बांग्लादेशी खिलाड़ी को हटाने के लिए कहा था. इसके बार केकेआर के मालिक शाहरुख खान ने मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर निकाल दिया. बांग्लादेश में बीते 15-20 दिनों में तीन हिंदू युवकों की हत्या कर दी गई. बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का भारत में भी लगातार विरोध किया जा रहा है.
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