Durg Uthaigiri Pardafas: छत्तीसगढ़ के दुर्ग में कार का शीशा तोड़कर 4.90 लाख रुपए की उठाईगिरी करने के मामले का पर्दाफाश हो गया है। बड़ी प्लानिंग से वारदात की स्टोरी तैयार की थी। पुलिस जांच के दौरान एक छोटी से गलती ने सभी को सींखचों में पहुंचा दिया। पूरे मामले के मास्टरमांइड गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड निकले। दोनों पोटिया रोड स्थित उत्सव होंडा शोरूम में साथ काम करते थे। इसी बीच उनके मन में लालच आ गया और कई दिनों की रेकी के बाद वारदात को अंजाम दे दिया।
क्या था पूरा मामला ?
28 जुलाई को मुक्त नगर निवासी व्यापारी प्रमोद महेश्वरी अपनी मारुति स्विफ्ट कार में करीब 4.90 लाख रुपए लेकर निकले थे। उन्होंने पोटिया रोड स्थित उत्सव होंडा शोरूम के सामने कार खड़ी की और अन्य काम से चले गए।
कुछ देर बाद लौटने पर कार के आगे बाईं ओर का शीशा टूटा मिला और कैश से भरा बैग गायब था। इसके बाद प्रमोद ने पुलगांव थाने में चोरी का केस दर्ज कराया। एसीसीयू और पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थल और आसपास करीब 5 किलोमीटर के दायरे में लगे सैकड़ों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
जांच के दौरान पुलिस की नजर शोरूम के एक कर्मचारी पर पड़ी, उसका हुलिया सीसीटीवी में नजर आए बदमाशों से कुछ मिलती-जुलती लगी। उसकी निशानदेही पर पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया गया। जो बाद में मुख्य आरोपी निकला।
गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड मास्टरमाइंड
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड भुवनेश्वर डहरिया और सपना राजपूत हैं। दोनों गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड हैं और पोटिया रोड स्थित उत्सव होंडा शोरूम में साथ काम करते थे। भुवनेश्वर शोरूम की डेमो कार चलाता था। जबकि सपना कर्मचारी थी।
गिरोह में भुवनेश्वर का मामा संतोष जोशी, संजय साहू और जितेंद्र कुमार भी शामिल थे। पुलिस जांच में पता चला कि संजय साहू भी पूरी वारदात का अहम हिस्सा था।
कई दिनों तक की कारोबारी की रेकी
जांच में पता चला कि भुवनेश्वर कई दिनों से कारोबारी प्रमोद महेश्वरी की दिनचर्या पर निगाह रख रहा था। उसे मालूम था कि प्रमोद महेश्वरी रोज सुबह कैश से भरा बैग कार में लेकर आते हैं, शोरूम के सामने कार खड़ी करते हैं और कुछ देर के लिए कहीं चले जाते हैं।
इसी जानकारी के आधार पर पूरी साजिश रची गई। वारदात वाले दिन यानी 28 जुलाई को कारोबारी की कार पहुंचते ही भुवनेश्वर ने पहले अपनी डेमो कार हटाई। इसके बाद उसने सपना से एक्टिवा की चाबी ली और प्लानिंग के तहत साथी संजय साहू के पास पहुंच गया। इसके बाद पूरी टीम एक्टिव हो गई।
पकड़ से बचने बदले तीन वाहन और रास्ते
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए तीन अलग-अलग दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल किया। पहले एक्टिवा से साथी के पास पहुंचे, फिर वहां से दो अलग-अलग पल्सर बाइक पर सवार होकर घटनास्थल पहुंचे।
इसके बाद पत्थर से कार का शीशा तोड़कर कैश से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
वारदात के बाद भी सभी आरोपी अलग-अलग रास्तों से निकले और बाद में एक जगह एकत्र हुए, ताकि सीसीटीवी फुटेज से उनकी एक्टिविटीज का आसानी से पता न चल सके।
लूटी रकम से किसी ने बाइक बनवाई, किसी ने पार्टी की
सभी आरोपियों ने एक साथी के कमरे पर पहुंचकर रकम का बंटवारा किया। पुलिस के अनुसार, भुवनेश्वर ने उसी दिन एटीएम के जरिए अपनी गर्लफ्रेंड सपना राजपूत के बैंक खाते में 1.04 लाख रुपए जमा किए।
भुवनेश्वर ने करीब 30 हजार रुपए पल्सर बाइक की मरम्मत और अन्य खर्चों में लगाए। बाकी रकम साथियों में बांट दी। एक आरोपी ने नए कपड़े खरीदे तो एक अन्य ने कई दिनों तक दोस्तों के साथ शराब, बीयर और पार्टी की।
आरोपी जब तक पकड़ में आए तब तक लूट की अधिकांश रकम खर्च हो चुकी थी। इसी वजह से पुलिस सिर्फ 1.57 लाख रुपए ही बरामद कर सकी।
कॉल ने मामा को भी पहुंचाया जेल
मामले में टर्न तब आया, जब पुलिस जांच करते हुए भुवनेश्वर के मामा संतोष जोशी तक पहुंच गई। शुरुआत में उसने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस टीम सपना राजपूत के घर पहुंची। इसी दौरान संतोष जोशी का सपना के मोबाइल पर कॉल आया। पुलिस ने सपना से स्पीकर ऑन कर बातचीत कराई। फोन पर संतोष ने कहा कि भुवनेश्वर पुलिस के हाथ लग गया है, लेकिन यह मत बताना कि तुम्हारे खाते में जो 1 लाख रुपए भुवनेश्वर ने जमा किए हैं। इतना सुनते ही मामा की भी पोल खुल गई और पुलिस ने उसे भी उठा लिया। पुलिस ने बताया कि उसने चोरी की रकम में से 10 हजार रुपए भी लिए थे और खर्च किए थे। इसके बाद उसे भी सह-आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया गया।
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