MP Promotion 2026: मध्यप्रदेश के करीब 1 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा शर्तों में एकमुश्त छूट की मांग उठी है। मध्यप्रदेश मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ के पदाधिकारी मंगलवार को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मुलाकात करेंगे। पत्र सौंपकर मांग करेंगे कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को 2016 से 2025 के बीच प्रमोशन नहीं मिला, उनमें से अधिकांश अधिकारियों और कर्मचारियों का राज्य सरकार ने प्रमोशन कर दिया है।
अगली डीपीसी में बाहर हो जाएंगे लाखों कर्मचारी
संघ के अध्यक्ष इंजीनियर सुधीर नायक ने बताया कि अब उनमें से अधिकांश अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं अगले पांच साल से पहले ही खत्म होने वाली है।
जबकि उन अधिकारियों और कर्मचारियों के हक का एक प्रमोशन अब भी बाकी है, लेकिन तय सेवा शर्तों पर ये ड्यू प्रमोशन मिलना मुश्किल है। इसके लिए वे खुद जिम्मेदार नहीं है।
प्रस्तावित डीपीसी के नियमों में राहत दी जाए
संघ के अध्यक्ष इंजीनियर सुधीर नायक ने आगे यह भी बताया कि अब सितंबर 2026 और जनवरी 2027 में अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रमोशन किए जाना है।
विशेष परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को प्रस्तावित विभागीय प्रमोशन समितियों के नियम में राहत दी जानी चाहिए। सरकार को प्रमोशन की योग्य सेवा की शर्तों में एकमुश्त छूट देने की मांग की है।
नुकसान की आंशिक भरपाई हो सकेगी
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मांग करते हुए कहा है कि इससे लंबे समय तक प्रमोशन पर ब्रेक लगे रहने से हुए नुकसान की आंशिक भरपाई हो सकेगी।
यदि अधिक संख्या में प्रमोशन होते हैं तो निचले स्तर के पद भी खाली होंगे, जहां सरकार नई भर्तियां कर सकेगी। प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।
पांच सालों की सेवा पूरी करने का नियम
संघ के अध्यक्ष इंजीनियर सुधीर नायक ने बताया कि वर्तमान नियमों के तहत किसी अधिकारी या कर्मचारी को अगले पद पर प्रमोशन के लिए पात्र माने जाने से पहले संबंधित पद पर न्यूनतम पांच साल की सेवा पूरी करना अनिवार्य होता है।
राज्य सरकार के पास छूट देने का अधिकार
विशेष परिस्थितियों में राज्य मंत्रिमंडल को इस अवधि में छूट देने का अधिकार है। ऐसे में सरकार को विशेष निर्णय लेते हुए एक बार के लिए योग्य सेवा की शर्त में छूट दी जाना चाहिए।
कर्मचारियों का समय पर प्रमोशन नहीं मिला
संघ का तर्क है कि प्रदेश में करीब एक दशक तक प्रमोशन प्रभावित रहने के कारण बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी समय पर प्रमोशन से वंचित रहे। कई कर्मचारी सालों बाद काफी जूनियर कर्मचारियों के साथ प्रमोशन मिले।
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