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एक खुला खत गृह मंत्री विजय शर्मा के लिए आपकी पुलिस मौखिक आदेश चला रही है, मामला एक गरीब वाहन चालक के आत्महत्या का

माननीय गृह मंत्री जी
कांग्रेस शासनकाल में खाद्य संचालनालय के दो अधिकारी राजीव कुमार जायसवाल और अनुराग सिंह भदौरिया के द्वारा एक दैनिक वेतनभोगी वाहन चालक को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया गया कि वह दिन दहाड़े इंद्रावती भवन के सामने फांसी लगा कर आत्म हत्या कर लिया। पकड़े जाने के डर से खाद्य संचालनालय के दो अधिकारियों ने मृतक की नस्ती और नोटशीट गायब करवा दी। इन दोनों अधिकारी के खिलाफ एक व्यक्ति के जीवन खत्म करने का एफआईआर दर्ज होना था।इसके बदले फाइल गुमा कर साक्ष्य मिटा दिए। नवा रायपुर फाइल गुम होने की एफआईआर लिखने के बजाय तत्कालीन थानेदार एल पी जायसवाल मौखिक आदेश देकर गुम फाइल को खोजने के लिए कह दिए। ये कानून व्यवस्था का सरे आम मजाक है।इससे बड़ा मजाक ये भी है कि थानेदार ने असीमित समय दिया गुम फाइल को खोजने के लिए! वाहन चालक वानखेड़े को आत्महत्या किए ढाई साल होने जा रहे है न्याय नहीं मिल है, अन्याय है।

खाद्य संचालनालय रायपुर के दो अधिकारी राजीव कुमार जायसवाल और अनुराग सिंह भदौरिया द्वारा एक दैनिक वेतनभोगी चालक को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया गया कि प्रताड़ना के चलते ढाई साल पहले दैनिक वेतनभोगी चालक उकंड राव (योगेश ) वानखेड़े द्वारा सुसाइडल नोट में जिम्मेदार अधिकारियों का नाम लिखकर आत्महत्या कर ली थी। वानखेड़े के आत्महत्या के बाद जब तक पुलिस जांच के लिए पहुंची खाद्य संचालनालय से बड़े ही संदेहास्पद तरीके से वानखेड़े को नौकरी में रखने से बर्खास्त करने और श्रम न्यायालय से न्याय पाने के बाद उसके नौकरी में रखने वाली फाइल गायब हो गई। वानखेड़े द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने पर आत्म हत्या करने संबंधी सूचना भी इसी फाइल में थी।

लीपापोती के नाम पर फाइल ढूंढी गई नहीं मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने की रस्मी कार्यवाही की गई। नवा रायपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी एल पी जायसवाल ने लिखित पत्र का जवाब मौखिक रूप से दिया। थाना प्रभारी द्वारा विभाग स्तर पर वानखेड़े की नस्ती /नोट शीट गुम हो जाने जाने संबंधी प्रारंभिक जांच कर, तथ्यों के साथ विस्तृत प्रतिवेदन दिए जाने पर एफआईआर दर्ज करने की सूचना दी थी। ढाई साल बीत जाने के बाद भी खाद्य संचालनालय के अधिकारी प्रारंभिक जांच नहीं किए है।प्रतिवेदन नहीं सौंपे है इस कारण एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। सारा खेल दैनिक वेतनभोगी चालक उकंड राव (योगेश ) वानखेड़े के मौत के लिए जिम्मेदार दो अधिकारियों द्वारा पद प्रभाव का दुरुपयोग कर खुद को बचाना है। आपसे निवेदन है कि एक गरीब दैनिक वेतनभोगी वाहन चालक वानखेड़े की हत्या करने वाले दोनों अधिकारियों के संलिप्तता की जांच हेतु एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच करवाए

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