Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में ईरान-इजरायल और अमेरिका के युद्ध का असर अब सीधे तौर पर देखने को मिल रहा है. इसका असर आम आदमी के जनजीवन पर भी बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. सबसे पहला असर अब शादियों में पढ़ रहा है. कल देर रात हुई शादियों और आज की शादियों में सिलेंडर की क्राइसिस हो गई है, जिसके चलते लकड़ी की भट्टी और डीजल की भट्टी में खाना पकाया जा रहा है.
लकड़ी और डीजल की भट्ठियों से खाना बन रहा है
शहर के सबसे बड़ी केटर्स व्यवसाय बंटी सप्रा का कहना है कि केंद्र सरकार ने गैस सिलेंडरों की जमाखोरी पर एस्मा लगा दिया है. प्रशासनिक अधिकारी भी एक्टिव हो गए हैं. वहीं ग्वालियर से बड़े कैटरर्स ने 15 मार्च की शादी को तो बुक किया है, लेकिन उसमें लकड़ी और डीजल की भट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं अप्रैल में आने वाले चार शादी के बड़े मुहूर्तों को लेकर हाथ खड़े कर दिए है. उन्होंने कहा है कि डीजल की भट्टी का ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इससे खतरा ज्यादा रहता है. अगर जिस घर में शादी है अगर वह सिलेंडर की उपलब्ध कराता है, तो ही वह आर्डर लेंगे. यानी बुकिंग के आर्डर कैंसिल कर रहे हैं.
शहर के सभी कैटर्स परेशान
ग्वालियर कमर्शियल सिलेंडर की स्थित प्रतिदिन शहर में 350-400 की खपत है. वहीं एक बड़ी शादी में 35-50 सिलेंडर लगते है. छोटी शादियों में 15 से 20 लगते है, शादी के मुहूर्त में 250 से 300 शादी होती है. सबसे ज्यादा अभी इसी महीने आने वाली शादियों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी होने वाली है शहर के सभी कैटर्स परेशान है और आने वाली शादियों के लिए उनके हाथ पांव फूले हुए हैं कि कमर्शियल गैस सिलेंडर कैसे उपलब्ध हो पाएंगे. इसलिए उनका कहना है कि आगे आने वाली शादियों में खाना लड़कियों की भट्टी पर बन जाएगा, लेकिन बाकी चीज नहीं बन पायेगी.
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter