समाज शास्त्र के अनुसार संतान के माता और पिता होते है।हर संतान के लिए उनके माता पिता श्रद्धेय होते है।हर संतान दूसरों से अपेक्षा करती है कि उनके माता पिता के प्रति श्रद्धा का भाव रखें। राजनीति शास्त्र में राजनैतिक पिता होते है।भाजपा में नरेंद्र मोदी को उनके अनुसरणकर्ता श्रद्धागत रूप से पिता के समान सम्मान देते है।कांग्रेस में वर्तमान में पिता की स्थिति में राहुल गांधी है।समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव है। जिन राजनैतिक दलों के प्रमुख है उनमें जय ललिता को अम्मा कहा जाता था। अजीत जोगी सोनिया गांधी को श्रद्धागत छत्तीसगढ़ी बोली में सोनिया दाई कहा करते थे।जिस दल में स्त्री प्रमुख है,अविवाहित है उन्हें माता तो नहीं हां बहन, दीदी का दर्जा मिला हुआ है।जैसे बहन मायावती, ममता दीदी।
पिता के लिए खड़ी बोली में कह ले या अनादर पूर्वक संबोधन करना हो तो “बाप” शब्द है। दीवार फिल्म में अमिताभ बच्चन के हाथ में “मेरा बाप चोर है” उपहासपूर्वक ही गुदवाया गया था। माना जा सकता है कि बाप शब्द आनंदपूर्वक शब्द है।
पटना के एक सम्मेलन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने आपा खोया और जबान ने संतुलन खोया बोल पड़े मोदी का “बाप” भी जाएगा। बाप रे बाप। मोदी की मां पर जाते ही रहे है, पत्नी पर जाते रहे इस बार बाप पर भी चले गए। आमतौर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संतुलित रहते है, संयमित भाषा का उच्चारण करते है लेकिन कांग्रेस के अराजकतावादी हमले की निरंतरता के चलते राष्ट्रीय अध्यक्ष भी शामिल हो गये।
दरअसल विपक्ष का एक प्रमुख एजेंडा नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमला बोलना भी है। पहले पत्नी पर, फिर मां पर और अब बाप पर बात आ गई है। कुछ समय पूर्व जंतर मंतर में भी काकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने अवयस्क बच्चों को शिखंडी बनाकर गाली गलौच करवाया था।
इसका हश्र प्रतिरोध के रूप में सोशल मीडिया में देखने को मिला। काकरोच जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं के परिवारजनों को थोक में गाली खानी पड़ी। अब मल्लिकार्जुन खड़गे जी की बारी आ गई है ।पिता जी कह दिए होते तो बात नहीं बिगड़ती लेकिन बाप पर बात आ गई तो व्यक्तव्यों की बाढ़ आ गई है। कांग्रेस अपने प्लेटफॉर्म सहित नेताओं के माध्यम से मल्लिकार्जुन खड़गे जी द्वारा कही गई बात के मतलब समझाने में लगे है दूसरी तरफ भाजपा ने भी मोर्चा सम्हाल लिया है बात “बाप” पर आ गई है।
बाप पर नहीं आने का, बाप तो हमेशा बाप होता है।।बाप रे बाप चल रहा है।कोई अमिताभ बच्चन की फिल्म “शहंशाह” के डायलॉग बोल रहा है” रिश्ते में हम तुम्हारे बाप होते है।” देखा जाए तो 2014से अब तक नरेंद्र माेदी पर जब भी व्यक्तिगत हमला किया गया है लाभ की स्थिति में भाजपा रही है।
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