UP Basti Honeytrap Case: उत्तर प्रदेश के बस्ती में पुलिस ने एक कथित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, इस खेल में पहले लोगों से दोस्ती की जाती थी, फिर नजदीकियां बढ़ाकर उनकी प्राइवेट तस्वीरें और वीडियो लिए जाते थे. इसके बाद ही पूरा खेल शुरू होता था. मामले की परतें तब खुली, जब वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह की मौत की जांच शुरू हुई. पुलिसकर्मी की जांच के बाद खुद पुलिस के ही हाथ-पांव फूल गए थे.
पुलिस ने इस मामले में 32 साल की प्रियंका चौधरी, उसके पिता राम नयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि तीनों कथित तौर पर हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के इस नेटवर्क से जुड़े थे. यही लोग हनीट्रैप का पूरा खेल चला रहे थे.
कैसे शुरू होता था हनीट्रैप का खेल
पुलिस के मुताबिक, प्रियंका लोगों से बातचीत शुरू करती थी.जिसमें वह धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ाती. इसके बाद कुछ ऐसी बातें करती कि सामने वाला खुद ही प्रियंका के नजदीक आने की कोशिशें शुरू कर देता था. इसी दौरान कथित तौर पर निजी बातचीत, फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए जाते थे. ऐसे फोटो जो अगर सामने आ जाए तो उस व्यक्ति की लाइफ में कई समस्याएं आ सकती हैं.
इसके बाद शुरू होता था हनी ट्रैप का दूसरा चरण, आरोप है कि निजी तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक करने या परिवार के सामने पहुंचाने की धमकी देकर पैसे मांगे जाते थे. यानी जिस रिश्ते की शुरुआत दोस्ती से होती थी, वह कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग तक पहुंच जाता था.
पिता और वकील की भी कथित भूमिका
पुलिस का कहना है कि प्रियंका इस पूरे खेल में अकेली नहीं थी. जांच में उसके पिता राम नयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है.आरोप है कि प्रियंका के जरिए लोगों से संपर्क बनाए जाने के बाद पिता और वकील ब्लैकमेल कर पैसों की वसूली किया करते थे. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क ने कितने लोगों को निशाना बनाया. कहीं इसमें और लोग तो शामिल नहीं हैं.
कैस हुआ पूरे मामले का खुलासा?
29 अगस्त को वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह ने अपने सरकारी आवास पर आत्महत्या कर ली थी. इसके बाद उनके बेटे संदीप सिंह ने 5 सितंबर को बस्ती कोतवाली में FIR दर्ज कराई.
जांच के दौरान पुलिस ने सूर्य प्रकाश सिंह के मोबाइल और कॉल डिटेल खंगाली. इसी दौरान प्रियंका और विजय प्रकाश यादव से उनके संपर्क की जानकारी सामने आई. पुलिस के मुताबिक, 29 अगस्त को दोपहर 1:41 बजे विजय प्रकाश यादव ने सिंह को आखिरी कॉल की थी.
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उस कॉल में क्या बातचीत हुई थी. क्या उसका संबंध सिंह की मौत से पहले बने कथित दबाव से था. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस मामले में क्या-क्या खुलासे होते हैं.
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