Twisha Sharma Death Case: भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को अदालत ने रद्द कर दिया है. गुरुवार देर रात करीब 1 बजे 17 पन्नों का आदेश जारी किया गया. इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने कहा कि इस केस की गंभीरता, साक्ष्य और जांच की स्थिति को देखते हुए आरोपी पक्ष को रियायत देना बिल्कुल भी सही नहीं है.
ट्रायल कोर्ट की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
उच्च न्यायालय ने भोपाल ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया है. इसके साथ ही हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं. अदालत ने कहा कि निचली अदालत ने केस डायरी और सबूतों तरीके से परीक्षण नहीं किया. इसके साथ ही कहा कि मृतका के शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए. इनका संतोषजनक जवाब आरोपियों के पास नहीं है.
कब होगी गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी?
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने पक्ष रखा. वहीं, ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा की ओर से सिद्धार्थ लूथरा और गिरिबाला की तरफ से नित्या ने दलीलें पेश कीं. सभी पक्षों को हाई कोर्ट ने ध्यान से सुना. बुधवार (27 मई) को करीब पौने तीन घंटे तक बहस चली. कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था. इसके बाद देर रात करीब 1 बजे फैसला सामने आया है. अब किसी भी समय गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी हो सकती है.
12 मई को हुई थी ट्विशा की मौत
दरअसल, उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की शादी भोपाल के कटारा हिल्स में रहने वाले समर्थ सिंह से हुई थी. समर्थ पेशे से वकील है. 12 मई को ट्विशा की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई. जहां ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, वहीं, ट्विशा के माता-पिता ने प्रताड़ित करने और हत्या का मामला कहा. दहेज प्रताड़ना की बात भी कही गई.
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