India-EU डील से पाकिस्तान में मायूसी, 9 अरब डॉलर और 1 करोड़ नौकरियों पर खतरे की घंटी!

India EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते हुए हैं, जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है. इस डील की दुनिया भर में हर कोई तारीफ कर रहा है. अमेरिकी अर्थशास्त्री भी इसको विकास की ओर बढ़ते कदम बताते हुए भारत की तारीफ कर रहे हैं, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान बिलबिलाया हुआ है. हालांकि ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान भारत के अच्छे कदम से पहली बार चिंता में है. वह हमेशा भारत की जब दुनिया भर में तारीफ होती है तो पाकिस्तान में मायूसी छा जाती है. माना जा रहा है कि India-EU डील पाकिस्तान की जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेस प्लस (GSP+) योजना को प्रभावित कर सकता है. पाकिस्तान के पूर्व वाणिज्य मंत्री डॉक्टर गोहर एजाज ने चिंता जताते हुए कहा कि इस डील से पाकिस्तान के एक्सपोर्ट पर बहुत ज्यादा रिस्क बढ़ जाएगा. अब टैरिफ फिर से शुरू हो जाएंगे.

India-EU डील को लेकर पाकिस्तान के पूर्व वाणिज्य मंत्री ने कहा कि इस योजना की वजह से यूरोपीय संघ का होने वाला 9 अरब डॉलर का निर्यात बेकार हो गया है. पाकिस्तान का ‘शून्य टैरिफ वाला सुनहरा दौर’ अब समाप्त हो जाएगा. सभी पाकिस्तान प्रोडक्ट्स पर टैरिफ लगाए जाएंगे, जिसकी वजह से पाकिस्तानी प्रोडक्ट्स की कीमत बाकी देशी की तुलना में काफी बढ़ जाएगी. उद्योग अब ज्यादा बोझ उठाने की स्थिति में नहीं है. ऐसे में यह फैसला तुरंत ही लेना चाहिए. इससे न सिर्फ उन्होंने महंगाई बढ़ने और व्यापार में घाटा की चिंता जताई. बल्कि 9 अरब डॉलर का निर्यात और 1 करोड़ नौकरियों पर खतरे की घंटी बताया.

पाकिस्तान को सता रही चिंता

  • पूर्व वाणिज्य मंत्री ने आगे कहा कि पाकिस्तान में 10 सालों में करीब 90 फीसदी टैरिफ समाप्त कर दिए गए थे. लेकिन अब India-EU डील के बाद इसे फिर से शुरू कर दिया जाएगा. जिसकी वजह से पाकिस्तान के एक्सपोर्ट पर और रिस्क बढ़ जाएगा.
  • उन्होंने कहा कि भारत के अलावा वियतनाम और बांग्लादेश भी अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा लिए हैं. पाकिस्तान को भी इस पर विचार कर जल्द से जल्द समाधान निकालना चाहिए.

GSP प्लस से घबराया PAK
अभी तक पाकिस्तान को जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस प्लस का भरपूर लाभ मिलता था. यह यूरोपीय संघ द्वारा दिया जाने वाला खास सपोर्ट था, जिसकी मदद से कमजोर देशों को काफी मदद मिलती थी. यूरोपीय मार्केट ने ऐसे देशों पर लगभर 7200 से अधिक उत्पादों पर 0 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगाता था. लेकिन अब इस डील के बाद संभावना है कि यूरोपीय संघ जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस प्लस को बंद कर सकता है, जिसको लेकर पाकिस्तान गहरी चिंता में है.

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