रायपुर। वाहन मालिकों द्वारा बीमा रिन्यूवल की अनदेखी आम समस्या बन गई है। राज्य में कुल 96 लाख गाडियों में से 45 लाख से ज्यादा गाड़ियों का बीमा रिन्यूअल नहीं हुआ है। देश में यह आंकड़ा 16.5 करोड़ से ज्यादा है। राज्य के जिन गाड़ी मालिकों ने अपनी गाड़ियों का बीमा रिन्यूवल नहीं कराया है, उनमें दोपहिया गाड़ी मालिकों की संख्या सबसे ज्यादा है। वाहन मालिक खरीदी के समय तो बीमा करा लेते हैं, लेकिन अवधि समाप्त होने के बाद उसका रिन्यूअल नहीं कराते।
राष्ट्रीय वाहन डेटाबेस के अनुसार, देशभर में लगभग 16.5 करोड़ वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं। यह भारतीय सड़कों पर दौड़ रहे कुल वाहनों का 44 से 54 प्रतिशत हिस्सा है। बीमा रिन्यूअल नहीं कराने की लापरवाही को देखते हुए केंद्र सरकार ने नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत नई गाड़ियों की बिक्री पर अब एक साथ 4 साल का बीमा पैकेज (पहले साल फर्स्ट पार्टी और अगले 3 साल थर्ड पार्टी बीमा) अनिवार्य कर दिया है।
राष्ट्रीय वाहन डेटाबेस के अनुसार, देशभर में लगभग 16.5 करोड़ वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं। यह भारतीय सड़कों पर दौड़ रहे कुल वाहनों का 44 से 54 प्रतिशत हिस्सा है। बीमा रिन्यूअल नहीं कराने की लापरवाही को देखते हुए केंद्र सरकार ने नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत नई गाड़ियों की बिक्री पर अब एक साथ 4 साल का बीमा पैकेज (पहले साल फर्स्ट पार्टी और अगले 3 साल थर्ड पार्टी बीमा) अनिवार्य कर दिया है।
बीमा नहीं होने पर परेशानी
बीमा रिन्यूअल नहीं होने से एक्सीडेंट या किसी तरह से हादसा होने पर बीमा क्लेम करने के समय गाड़ी मालिक को क्लेम करने के समय परेशानी का सामना करना पड़ता है। दो प्रकार के बीमा में से कोई एक बीमा अनिवार्य गाड़ी मालिक बीमा रिन्यूअल नहीं कराने की कार्रवाई से तभी बच सकते हैं, जब उनके पास फर्स्ट या थर्ड पार्टी बीमा होना चाहिए। फर्स्ट पार्टी होने पर एक्सीडेंट या हादसा होने पर गाड़ी मालिक को बीमा का लाभ मिलेगा। थर्ड पार्टी बीमा होने पर एक्सीडेंट होने पर घायल या मृतक के परिवार को बीमा कंपनी मुआवाजा देगी। थर्ड पार्टी बीमा नहीं होने पर गाड़ी मालिक को हर्जाने की रकम देना होगा।
इसलिए जरूरी है गाड़ियों का बीमा
दुर्घटना, वाहन चोरी या प्राकृतिक आपदा (बाढ़, तूफान आदि) होने पर बीमा कंपनी गाड़ी के मूल्यांकन के आधार पर क्लेम की राशि देती है। बीमा नहीं होने पर सारा आर्थिक बोझ और कानूनी जिम्मेदारी सीधे वाहन मालिक पर आ जाती है। सड़कों पर चलने वाली प्रत्येक गाड़ी के लिए कम से कम थर्ड पार्टी बीमा होना अनिवार्य है। जो गाड़ी मालिक अपनी गाड़ी का बीमा नहीं कराते, उन पर कड़े जुर्माने का प्रावधान है। पहली बार पकड़े जाने पर दो हजार रुपए का जुर्माना, बार-बार उल्लंघन पर दस हजार रुपए तक जुर्माना या सजा का प्रावधान है। बीमा समाप्त होने पर किसी भी कानूनी अड़चन और भारी आर्थिक नुकसान से बचने के लिए गाड़ी मालिक ऑनलाइन या ऑफलाइन बीमा रिन्यूअल करा सकते हैं। दोपहिया वाहन में दो से चार हजार रुपए जुर्माना के साथ तीन महीने सजा का प्रावधान है।
एक्सपर्ट व्यू
अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर के अनुसार, गाड़ी मालिकों को फर्स्ट के साथ थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य रूप से कराना चाहिए। कार्रवाई से बचने केवल सिंगल या थर्ड पार्टी बीमा नहीं कराना चाहिए, इससे गाड़ी मालिकों को आगे चलकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एप के माध्यम से गाड़ियों की जानकारी निकालकर कमी बेसी होने पर कार्रवाई की जाती है।
टोल प्लाजा में होती है निगरानी
मालवाहक के साथ चारपहिया वाहन जिनका बीमा रिन्यूअल नहीं हुआ रहता, ऐसी गाड़ियों की पहचान टोल प्लाजा में होती है। इसीलिए उनका तत्काल ई-चालान काटकर मैसेज भेज दिया जाता है। शहर के अंदर बगैर बीमा रिन्यूअल के चलने वाली गाड़ियों की पहचान करने एक एप है, उस एप के माध्यम से गाड़ियों के फिटनेस से लेकर बीमा तथा अन्य जानकारी एक क्लिक में मिल जाती है।
राज्य में गाड़ियों की संख्या
- दोपहिया 74.80 लाख
- तीनपहिया 1.26 लाख
- कार 4.42 लाख
- कमर्शियल वाहन 6.15 लाख
- अन्य वाहन 5.13 लाख
- कुल वाहन 95,75,343
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