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ईरान के साथ धोखा: यूएस-तेहरान सीजफायर में पाकिस्तान की भूमिका पर बड़ा खुलासा; अमेरिका के इशारे पर काम कर रहा था

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर में पाकिस्तान की भूमिका का बड़ा खुलासा हुआ है. पाकिस्तान इस सीजफायर में न तो मीडिएटर की भूमिका में था और न ही मैसेंजर की भूमिका में. 3 अलग-अलग रिपोर्ट की मानें तो पाकिस्तान पूरी तरह अमेरिका के इशारे पर सीजफायर के लिए काम कर रहा था. अमेरिका के कहने पर पाकिस्तान ने ईरान को प्रस्ताव भेजा. इतना ही नहीं, अमेरिका के चलते ही ईरान को मनाने के लिए इस्लामाबाद ने चीन से संपर्क किया था.

पाकिस्तान सीजफायर में अमेरिका के कहने पर शामिल हुआ था. उसके प्रधानमंत्री ने सीजफायर को लेकर सोशल मीडिया पर जो पोस्ट किया था, वो भी व्हाइट हाउस ने लिख कर दिया था.

सभी 3 रिपोर्ट्स ऐसे वक्त में सामने आई है, जब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सीजफायर को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बैठक प्रस्तावित है. शनिवार को होने वाली इस पीस डील मीटिंग में अमेरिका की तरफ से उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की तरफ से संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ के शामिल होने की खबर है.

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने आखिरी वक्त में पाकिस्तान को सीजफायर के लिए ईरान के पास भेजा. अमेरिका ने खुद प्रस्ताव बनाकर दिया और उससे ईरान को देने के लिए कहा. ईरान से संपर्क के लिए अमेरिका के पास पाकिस्तान से बेहतर कोई विकल्प नहीं था. क्योंकि, पाकिस्तान ईरान का पड़ोसी देश है और पूरे जंग में तेहरान ने एक भी हमला पाकिस्तान पर नहीं किया.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका से ईरान के लिए जो संदेश मिला, उसके अमल की पूरी प्रक्रिया को व्हाइट हाउस ने मॉनिटर किया. यहां तक कि जो पोस्ट पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने किया था, उसे भी व्हाइट हाउस ने ही अप्रूव किया था. यही वजह थी कि पोस्ट के साथ शहबाज शरीफ ने ड्राफ्ट मैसेज ऑफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को भी शेयर कर दिया था. जब ईरान नहीं मान रहा था, तब उसने चीन से संपर्क साधा. चीन की पहल पर ईरान सीजफायर के लिए तैयार हो गया.

अमेरिका के कहने पर ही इस्लामाबाद में बैठक प्रस्तावित किया गया. शनिवार को इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच फाइनल सीजफायर को लेकर मीटिंग होगी. पाकिस्तान में सीजफायर की मीटिंग करने के पीछे अमेरिका का 2 मकसद है. पहला, पाकिस्तान उसकी तरफ से ईरान पर ज्यादा दबाव बनाए. दूसरा इस्लामाबाद को पश्चिम एशिया में ज्यादा तवज्जो मिले.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान पीएम के पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा- दुनिया देख रही है, कैसे अमेरिका सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है. दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस पोस्ट में लेबनान पर भी हमला न होने की बात कही थी. ईरान ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन लेबनान में इजराइली हमले के बाद पाकिस्तान को आगे कर अमेरिका को निशाना साधा है.

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