लखनऊ. सूबे की सियासत में तथाकथित महिला आरक्षण बिल लेकर सियासी पारा हाई है. सत्ता पक्ष और विपक्ष इस मुद्दे को लेकर एक-दूसरे पर हमलावर हैं. इन सबके बीच मायावती ने अपने नेताओं को इस मुद्दे पर गुमराह न होने की सलाह दी है. साथ ही किसी भी प्रकार का प्रदर्शन न करने की भी साफ हिदायत दी है.
मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ख़ासकर उत्तर प्रदेश स्टेट के बी.एस.पी. के सभी ज़िला अध्यक्ष एवं छोटे-बड़े पदाधिकारी और कार्यकर्तागण, आज मैं पार्टी के कार्यों से दिल्ली जा रही हूं और कार्य पूरा होते ही जल्दी वापस भी आ जाऊंगी और इस दौरान पार्टी की पिछले महीने 31 मार्च 2026 को लखनऊ में हुई यूपी प्रदेश-स्तरीय बड़ी बैठक में पार्टी संगठन को तैयार करने व कैडर आदि के ज़रिये पार्टी का जनाधार बढ़ाने एवं आर्थिक मज़बूती देने और यूपी विधानसभा आमचुनाव की तैयारी से सम्बन्धित जो भी ज़रुरी दिशा-निर्देश दिए गए थे, उस पर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अमल करते रहना है.
आगे मायावती ने कहा, साथ ही बैठकों में यूपी में बीएसपी के नेतृत्व में रही सरकार में प्रदेश के विकास व जनहित आदि में किये गए कार्यों के बारे में ज़रूर बताना है. बैठकों में यह भी बताना है कि यूपी में अब तक जितने भी एक्सप्रेस-वे आदि बने हैं तथा नोएडा में एयरपोर्ट भी बना है. ऐसे अनेकों और भी जनहित के कार्य किये गये हैं, जिनकी योजना व रुपरेखा बीएसपी की रही सरकार में ही बनाई गयी थी और ये सभी कार्य काफी हद तक ज़रूर पूरे हो जाते यदि उस समय केन्द्र की रही कांग्रेसी सरकार बीएसपी के प्रति अपनी जातिवादी मानसिकता के चलते इनमें रुकावटें पैदा नहीं करती.
कहने का तात्पर्य यह है कि यूपी के समुचित विकास व सर्वसमाज की उन्नति-तरक़्क़ी व बेहतर कानून व्यवस्था हेतु ’कानून द्वारा कानून का राज’ के ज़रिये बी.एस.पी. के ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ शासन में ही यह संभव हो सकता है, जिस पर भी ध्यान देने की अपील. आगे मायावती ने कहा, इतना ही नहीं बल्कि लखनऊ में 22 फरवरी 2026 की यूपी को छोड़कर आल-इण्डिया की हुई बड़ी बैठक में, पार्टी व मूवमेन्ट के हित में जो भी ज़रुरी दिशा-निर्देश दिये गये थे, तो उन्हें भी समय से ज़रूर पूरा करना है.
इसके इलावा, यूपी सहित पूरे देश में, पार्टी द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों को लेकर स्थानीय स्तर पर पार्टी की बुलाई जा रही सभी इन बैठकों में महिला आरक्षण को लेकर अभी हाल ही में, मेरे द्वारा दिनांक 15 अप्रैल 2026 को मीडिया में पार्टी का जो स्टैण्ड रखा गया है. उसके बाद एक्स पर पोस्ट भी किया गया है और ज़रुरत पड़ने पर आगे भी बयान दिए जाएंगे. अर्थात महिला आरक्षण के समर्थन के मामले में अभी भी पार्टी का स्टैण्ड 15 अप्रैल वाला ही है, इसमें कोई भी बदलाव नहीं किया गया है, उसके बारे में भी इन बैठकों में ज़रूर बताना है, ताकि महिला आरक्षण के इस ख़ास मुद्दे पर पार्टी के लोग गुमराह ना हो सकें, लेकिन इसके लिए पार्टी के अनुशासन के मुताबिक़ कोई भी धरना-प्रदर्शन आदि नहीं करना है.
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