EMI पर फिलहाल असर नहीं, रेपो रेट जस का तस… नहीं होंगे लोन महंगे, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा का ऐलान

RBI MPC Meeting: देश के सेंट्रल बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2027 की अपनी पॉलिसी रेट का ऐलान कर दिया. नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है. इसे पहले की तरह ही 5.25% पर बरकरार रखा है. आरबीआई के इस फैसले से साफ है कि लोन महंगे नहीं होंगे. इसके साथ ही आपकी EMI भी नहीं बढ़ेगी. इससे पहले RBI ने दिसंबर 2025 में रेपो रेट में
0.25 फीसदी की कटौती की थी.

रेपो रेट को लेकर RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज 8 अप्रैल को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग ली थी. इस मीटिंग में ही तय किया गया है कि नए वित्त वर्ष में रेपों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. बदलाव न करने के पीछे की एक वजह मिडिल ईस्‍ट की टेंशन को भी माना जा रहा है.

रेपो रेट से क्‍या होता है बदलाव?
RBI की तरफ से जिस रेट पर बैंकों को लोन दिया जाता है. उसे ही रेपो रेट कहा जाता है. जब भी आरबीआई रेपो रेट को घटाता है, तो बैंकों इन बदलावों का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाते हैं. रेपो रेट अगर कम होता है तो लोगों की ईएमआई भी कम हो जाती है. ताजा फैसले के बाद होम लोन, पर्सनल लोन और वाहन लोन लेने वाले लोगों को इस बात से राहत जरूर मिलेगी कि लोन दरें न तो बढ़ेगी और न ही घटेंगी. मतलब जो जैसे पहले था वैसा ही रहेगा.

आरबीआई ने महंगाई को लेकर क्या कहा?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पॉलिसी रेट के ऐलान के बाद कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें आयातित महंगाई बढ़ सकती है. आरबीआई गवर्नर के अनुसार पहली तिमाही में देश की ग्रोथ 6.8 फीसदी, दूसरी तिमाही में 6.7 फीसदी और तीसरी तिमाही में 7 फीसदी और चौथी तिमाही में 7.2 फीसदी का अनुमान लगाया गया है.

महंगाई की बात की जाए तो इसमें साफ तौर पर इजाफा देखने को मिल सकता है. मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में महंगाई अनुमान को 4 फीसदी से बढ़कर 4.4 फीसदी कर दिया गया है. इसके साथ ही दूसरी तिमाही में महंगाई कम होने का अनुमान लगाया गया है.

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