Janardan Mishra Son: रीवा सांसद के पुत्र अंकुर मिश्रा इन दिनों सरपंच पद के उपचुनाव को लेकर सुर्खियों में हैं. सांसद पुत्र उपचुनाव लड़ना चाह रहे हैं. लेकिन उनका आरोप है कि हमारी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है. इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें घर से निकाल दिया गया है और उनके पिता सांसद जनार्दन मिश्रा प्रचार-प्रसार में भी नहीं नजर आएंगे.
जब अंकुर मिश्रा से सवाल किया गया कि जब आपकी ही सुनावाई नहीं हो रही है तो आम आदमी क्या उम्मीद रखे. इस दौरान उन्होंने कहा कि सबसे पहले हमें सांसद पुत्र के रूप में न माना जाए. मैं एक आम आदमी के तौर पर लड़ाई लड़ रहा हूं. अगर मैं एक सांसद पुत्र होता हो सरपंच पद का उपचुनाव नहीं लड़ रहा होता. मुझे एक स्कूल के पोलिंग बूथ जाने के लिए यहां नहीं आना पड़ता. मैं तानाशाहों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा हूं.
घर से निकाले गए सांसद पुत्र
इस दौरान उन्होंने अपने पिता के नाराजगी का भी जिक्र किया और बताया कि मुझे तो घर से निकाल दिया गया और बोला गया कि आप जाइए 15 तारीख को. अगर आपने रेकी वाला वीडियो देखा होगा तो मैं अपने घर के बाहर ही खड़ा था. घर से कपड़े मंगाया था. हालांकि, इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि आखिर पैतृक घर में रहना तो पड़ेगा ही. पिता को क्या ही कहूं. वो पिता तो हैं ही. शायद कभी न कभी माफ कर दें. ऐसी उम्मीद है. सांसद जनार्दन मिश्रा के वोट डालने को लेकर उन्होंने बताया कि वे बीमार हैं और दिल्ली में हैं.
प्रचार-प्रसार को लेकर क्या बोले?
सांसद जनार्दन मिश्रा बेटे के चुनाव में नहीं नजर आएंगे. अंकुर मिश्रा ने बताया कि उन्होंने कहा है कि अगर तुम अपने से कदम समाज और देश के लिए बढ़ाए हो तो खुद लड़ो. उन्होंने तो सांसद बनने के बाद ही पहला वाक्य यही कहा था कि तुम ऐसा जीवन जियो कि तुम्हारे परिवार से कोई सांसद नहीं है. तुम सामान्य जीवन जियो और मैं ऐसा ही जीवन जी रहा हूं. साइकिल में चलता हूं. भाई को लेकर उन्होंने कहा कि हमें आशा है कि वे प्रचार-प्रसार जरूर करेंगे.
अंकुर मिश्रा ने कहा कि भविष्य में परिस्थितियां क्या रूप लेती हैं, यह आगे देखने वाली बात होगी. फिलहाल, उनका अपने पिता से राजनीतिक या व्यक्तिगत तौर पर कोई वास्ता नहीं है. बता दें, रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं. वर्तमान में रीवा से लगातार तीसरी बार सांसद हैं.
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