लौटने की कोई पक्की तारीख नहीं दे सकते। उनके वकील ने दलील दी कि यूके की अदालतों द्वारा लगाए गए यात्रा प्रतिबंध और भारतीय पासपोर्ट रद्द होने के कारण माल्या के लिए फिलहाल भारत आना संभव नहीं है।
कोर्ट का रुख
चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस गौतम अंखड की बेंच ने स्पष्ट किया कि जब तक माल्या भारत वापस नहीं आते, तब तक उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई नहीं होगी। कोर्ट ने यह भी पूछा था कि क्या माल्या का भारत लौटने का इरादा है।
माल्या की दलील
माल्या ने अपने वकील अमित देसाई के जरिए कहा:
- उनका भारतीय पासपोर्ट 2016 में रद्द कर दिया गया था।
- इंग्लैंड और वेल्स की अदालतों ने उन्हें देश छोड़ने से रोका है।
- ऐसे में वह वापसी की कोई निश्चित तारीख नहीं बता सकते।
दो याचिकाएं दायर
माल्या ने हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की हैं-
- उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के आदेश को चुनौती।
- भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की वैधता पर सवाल।
माल्या 2016 से यूके में रह रहे हैं और उन पर हजारों करोड़ रुपये के बैंक लोन डिफॉल्ट और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। फिलहाल, हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है कि उनकी शारीरिक उपस्थिति के बिना इस मामले में आगे सुनवाई नहीं की जाएगी।
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