चेतावनी पूर्ण जन्म दिन की बधाई

महिलाएं उम्र छिपाती है ये उनकी मानवीय कमजोरी है।उन्हें कमसिन बने रहने में आनंद मिलता है। पुरुष इसके उलट होता है।राजा दशरथ को कान के पास पहला सफेद बाल दिखा तो वे राजकाज छोड़ने के लिए तत्पर हो गए थे। सब कुछ ठीक रहता तो राम राज्य संभालते लेकिन केकई ने गेम खेल दिया।राम को वनवास मिला। ऐसा ही खेल भूपेश बघेल ,जिनका आज जन्मदिन है वह भी 63वाँ,के राजकाज में हुआ। ये कोई नहीं बताया भाजपा को लतेड कर सत्ता में आए थे, बढ़िया छत्तीसगढ़िया फ्लेवर में कामकाज शुरू किए थे। कहां केकई के चक्कर में पड़ गए। आधुनिक राम राज्य में शासन से निर्वासित होना ही राजनैतिक वनवास है।

इसमें चौदह नहीं पांच साल का समय होता है। डेढ़ साल बीते है। भूपेश बघेल के बीते चार जन्मदिन बेहतर नहीं रहे है। भले ही उनके समर्थकों ने सड़को के खंभों सहित समाचार पत्रों में उनको दुलरवा बेटा, कहा है।भूपेश बघेल के कार्यकाल में महत्वपूर्ण कार्यों का लेखा जोखा भी दिया है। निश्चित रूप से किसानों के प्रति भूपेश बघेल की सरकार सहानुभूति रखती थी। 2500 रुपए क्विंटल में धान खरीदी, प्रति एकड़ 20 क्विंटल खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि न्याय योजना, सहित किसानों के ऋण माफी को पूरी सराहना मिलनी चाहिए। इन योजनाओं के चलते छत्तीसगढ़ का किसान खुशहाल हुआ।

जन्मदिन में अच्छी बात होना चाहिए लेकिन जब पुरानी सरकार के बेहतरीन कामों का लेखा जोखा सार्वजनिक हुआ है तो लगे हाथ बुरे कामों का भी लेखा जोखा आना चाहिए जिनके कारण सिर्फ पांच साल मे दस साल चलने वाली कांग्रेस सरकार विपक्ष में बैठ गई और विपक्ष के नेता भी डा चरण दास महंत भी बन गए।कांग्रेस में परंपरा रही है कि विपक्ष का नेता या प्रदेश अध्यक्ष ही पार्टी के सत्ता में आने पर मुख्यमंत्री बनते है।केंद्र में तो 2029 के संभावित प्रधानमंत्री के रूप में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ,अभी से तय है। खैर ये तो भविष्य की बात है।

आज भूपेश बघेल का जन्मदिन है उनको जन्मदिन की शुभ कामनाएं। आज रायपुर से प्रकाशित समाचार पत्रों को देख रहा था। गिरीश देवांगन शिव सिंह, तनवीर आलम, और सुशील सन्नी अग्रवाल ने ही प्रमुखता से विज्ञापन छपवाए है। क्या ये पार्टी में गुटबाजी का नतीजा है कि बाकी सारे पूर्व मंत्री, विधायक संभावित खतरे से खुद को दूर रखने के नाम से दूरी बना लिए है? छत्तीसगढ़ का माटी पुत्र का पुत्र शराब घोटाले में जेल यात्रा पर है वो भी जन्मदिन के दिन ही यात्रा शुरू किए है,यात्रा जारी है।पिता जी के पिता जी भी जेल यात्री रहे है, खुद भी संभावित यात्री है।यात्रा शुरू न हो करके बड़े छोटे न्यायालय में जा आ रहे है। पार्टी के खास शुभ चिंतक अच्छे कामों का गुणगान कर रहे है। हमारा फर्ज बन पड़ता है कि उन कामों भी बखान हो जिससे सच सामने आए और कांग्रेस पार्टी भविष्य में सत्ता में आए तो ऐसी गलती न करे, दस पंद्रह साल सत्ता में रहे।

हर सरकार में भ्रष्ट्राचार होता है।भगवान भी जमी पर आ जाए तो शायद उन्हें भी भ्रष्टाचार अपनाना होगा अपने काम को निपटाने के लिए। संतोष परम सुखम कहा जाता है। जितना मिले(ये भी बहुत होता है) उसमें संतोष करे। डाकुओं के समान डकैती न करे। लुटेरों के सामान लूटपाट न करे। टोली, अच्छे लोगों की बनाए जिसमें अनिल टुटेजा, टोमन सिंह सोनवानी ,निरंजन दास, अमरपति त्रिपाठी, रानू साहू, दीपांशु काबरा, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल, अभिषेक माहेश्वरी, मनोज सोनी,सौम्या चौरसिया, सूर्यकांत तिवारी, विजय भाटिया, रोशन चंद्राकर जैसे लोग न हो। नेता प्रतिपक्ष। डा चरणदास महंत और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बेंज नोट कर ले, संभावित मुख्यमंत्री आप लोग ही है।

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