Indore News: यूपीआई पेमेंट पर शुल्क लगाने को लेकर अब मध्य प्रदेश की कमर्शियल कैपिटल इंदौर में विरोध तेज हो गया है. व्यापारी इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं. शहर के 100 से ज्यादा व्यापारिक संगठनों ने 23 सितंबर को ‘नो UPI डे’ मनाने का फैसला लिया है. व्यापारियों की ओर से कहा गया है कि वे इस दिन डिजिटल माध्यम से भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे.
व्यापारियों का क्या कहना है?
UPI पेमेंट पर 0.40 फीसदी एमडीआर को लेकर शुक्रवार (18 सितंबर) को व्यापारियों ने विरोध जताते हुए पोस्टर अभियान शुरू किया. व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल पेमेंट आम लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है. अब UPI पर एक्स्ट्रा फीस लगाना सही नहीं है. इससे केवल बिजनेसमैन पर बोझ नहीं पड़ेगा.
23 सितंबर को ‘नो UPI डे’
प्रस्तावित MDR चार्ज के विरोध में व्यापारियों ने निर्णय लिया है कि 23 सितंबर को ‘नो UPI डे’ मनाया जाएगा. इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन का कहना है कि इस दिन वे ऑनलाइन भुगतान बंद रखेंगे. क्यूआर और साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढंककर रखा जाएगा. व्यापारियों का कहना है कि इस विरोध को जनआंदोलन में बदला जाएगा.
व्यापारियों ने जो पोस्टर जारी किया है, उसमें लिखा है कि हमारा व्यापार, नकद व्यवहार! UPI पर प्रस्तावित या लगने वाले मर्चेंट चार्ज का हम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करते हैं. इसके साथ ही लिखा है कि न शुल्क चाहिए, न अतिरिक्त बोझ.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, केंद्र सरकार ने UPI के माध्यम से 2000 रुपये से अधिक के पेमेंट पर 0.40 फीसदी एमडीआर चार्ज लगाने का निर्णय लिया है. ये व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होगी. सरकार की ओर से कहा गया है कि इससे आम ग्राहकों पर बोझ नहीं पड़ेगा. वहीं, व्यापार इसका विरोध जता रहे हैं. उनका कहना है कि इससे डिजिटल लेन-देन पर असर पड़ेगा. नकद व्यवस्था की ओर रूझान बढ़ेगा.
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