रायपुर। कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिव सचिन पायलट सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर मनरेगा को धीरे-धीरे कमजोर करने और खत्म करने का आरोप लगाया।
सचिन पायलट ने कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए एक सुरक्षा कवच थी, जिससे ग्रामीणों को 100 दिन का रोजगार मिलता था। लेकिन आज हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मनरेगा की पूरी राशि केंद्र सरकार देती थी, अब वह व्यवस्था भी कमजोर कर दी गई है।
पायलट ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत कौन-सा काम होगा, इसका फैसला ग्राम पंचायतें करती थीं, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार रोजगार मिलता था। अब योजना को पूरी तरह केंद्रीकृत कर दिया गया है और फंड पर भी केंद्र का कंट्रोल हो गया है। इससे पंचायतें बेबस हो गई हैं।
उन्होंने भाजपा से सवाल करते हुए कहा कि अगर सरकार को मनरेगा से परेशानी थी, तो मजदूरी दर बढ़ानी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय योजना को ही खत्म करने का रास्ता चुना गया। पायलट ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी इस योजना की मूल भावना को ही बदल दिया गया है, जबकि यह योजना गरीबों की गरिमा और आत्मसम्मान से जुड़ी थी।
भाजपा पर हमला बोलते हुए पायलट ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा नेताओं में घमंड आ गया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी। कमिश्नर प्रणाली पर सवाल उठाते हुए पायलट ने कहा कि सरकार ऐसे फैसले सिर्फ सुर्खियों के लिए ले रही है। यह कोई नीतिगत सुधार नहीं, बल्कि जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी के मामलों पर भी पायलट ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब न्यायालय जैसी संवैधानिक संस्थाओं को धमकियां मिल रही हैं, तो यह कानून-व्यवस्था की बड़ी विफलता है। आज महिलाएं, बुजुर्ग और मध्यम वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
जंबूरी 2026 से जुड़े विवाद और हाईकोर्ट में दायर याचिका पर पायलट ने कहा कि यह जनता के पैसे का मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना टेंडर के काम कराए जा रहे हैं और सरकार को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। संगठन को लेकर पायलट ने कहा कि कांग्रेस लगातार संगठन को मजबूत करने का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है और जल्द ही उनकी ट्रेनिंग भी कराई जाएगी।
रायपुर दौरे के दौरान सचिन पायलट मनरेगा आंदोलन की समीक्षा करेंगे और संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लेंगे। नवनियुक्त जिलाध्यक्षों से मुलाकात कर आगामी रणनीति पर भी चर्चा करेंगे। कुल मिलाकर, उनका यह दौरा मनरेगा मुद्दे और संगठन को मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter