The Pothole Became A Problem: लिंगियाडीह में ‘नल-जल योजना’ के अधूरे गढ्ढे लोगों के लिए बना मुसीबत

बिलासपुर| ​बिलासपुर के लिंगियाडीह इन दिनों विकास की धीमी रफ्तार (The Pothole Became A Problem और प्रशासनिक अनदेखी के कारण ‘हादसों का टापू’ बन गया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नल-जल घर योजना’ के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढों ने स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है। स्थिति यह है कि सड़कों के बीचों-बीच और किनारों पर महीनों से खुले पड़े ये गड्ढे अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। आए दिन यहाँ कोई न कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो रही है; बीते कुछ दिनों में ही कई चार पहिया वाहन इन दरकते गड्ढों में समा चुके हैं, तो वहीं अनगिनत बाइक सवार असंतुलित होकर गंभीर चोटों का शिकार हो रहे हैं।

प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ रही सुरक्षा, (The Pothole Became A Problem)
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत करना तो दूर, चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं, जिसके चलते रात के अंधेरे में ये गड्ढे ‘मौत के जाल’ की तरह नज़र आते हैं। धूल के गुबार और बदहाल रास्तों ने न केवल आवागमन को बाधित किया है, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों पर भी ग्रहण लगा दिया है। जिम्मेदार विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है, यदि समय रहते इन गड्ढों की सुध नहीं ली गई, तो लिंगियाडीह में किसी बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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