Gwalior: बीते कुछ सालों में पति-पत्नी के बीच मतभेद और क्राइम की घटनाएं ज्यादा सामने आई हैं. मामला चाहे इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या हो या फिर पुणे के केतन अग्रावाल का, कहीं न कहीं समाज में इस तरह की घटनाएं बुरा असर छोड़ रही हैं. हाल ही में एक ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया है, जहां सुहागरात के बाद छत से कूदकर दुल्हन फरार हो गई. बाद में जब उसे परिजन वापस लाए तो पति ने नीले ड्रम से डर से उसे साथ रखने से मना कर दिया.
ग्वालियर के सिंधिया नगर का मामला
दरअसल मामला ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिंधिया नगर का है. यहां के निवासी टेंट कारोबारी जितेंद्र जोशी की शादी 28 जून को मुरैना के झुंडपुरा की रहने वाली नम्रता जोशी के साथ संपन्न हुई थी. जब नम्रता ससुराल पहुंची तो नई बहू के आगमन से पूरा परिवार खुश था, परिवार वालों ने जबरदस्त तरीके से बहू का स्वागत किया.
दोनों ही घरों में था खुशी का माहौल
देर रात तक विवाह के बाद की जरूरी रस्में और पारंपरिक पूजा-पाठ का सिलसिला लगातार चलता रहा. इसके बाद जोड़ा अपने कमरे में गया. लेकिन सुहागरात के ठीक बाद सुबह जब जितेंद्र की नींद खुली तो देखा कि उसकी नई-नवेली दुल्हन फरार है. जैसे ही परिवार वालो को इसके बारे में पता चला तो वह हैरान रह गए. परिवार वालों ने जब तलाशी की तो पाया कि घर का मुख्य दरवाजे पर तो ताला लगा था लेकिन छत के दरवाजे की सिर्फ कुंडी लगी हुई थी.
सीसीटीवी कैमरों से चला पता
इसके बाद जब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, तो सबके पैरों तले जमीन खिसक गई. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा था कि नई नवेली दुल्हन नम्रता तड़के सुबह अकेले ही पड़ोसी के मकानों की छतों पर कूदकर वहां से भाग रही है. इतना ही नहीं, परिवार ने जब घर के अंदर की जांच की तो पता चला कि दुल्हन अपने साथ शादी के समय मिले सोने-चांदी के कीमती जेवर भी समेटकर रफूचक्कर हो चुकी है.
पुलिस को दी जानकारी
घटना के बाद पुलिस की जानकारी दी गई. उधर मायके और ससुराल पक्ष के लोग भी एक्टिव हो गए. सुसराल पक्ष के लोग किसी तरह नम्रता को खोजकर सीधे पुलिस थाने ले गए. थाने में नम्रता के परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार की और जितेंद्र पर दवाब बनाया की वे नम्रता को माफ कर दें और उसे अपना लें.
जितेंद्र ने साथ रहने से किया मना
लेकिन जितेंद्र भड़क उठा और उसने नम्रता को अपने साथ रखने से मना कर दिया. जितेंद्र ने थाने में कहा कि आजकल देश और प्रदेश में नीले ड्रम के केस बहुत ज्यादा सुनने को मिल रहे हैं, जिसमें हत्या कर लाश को ड्रम में छुपा दिया जाता है, इसलिए उसे अपनी जान बहुत प्यारी है और वह इस खौफ के साए में नहीं जी सकता.
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