अयोध्या के बाद अब बद्रीनाथ में भी चंदा चोरी? आरोप लगने के बाद मंदिर समिति ने दिए जांच के आदेश

Badrinath Temple Donation Scam: अयोध्या में राम मंदिर में हुई कथित चंदा चोरी के मामले में अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पूरे मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई है. अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि एक और मंदिर में चंदा चोरी होने के आरोप लगे हैं.बदरीनाथ धाम में भी चढ़ावे और दान-पुण्य में गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं.बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि इन आरोपों को बहुत गंभीरता से लिया गया है.

श्री बद्रीनाथ मंदिर पर कथित चंदा चोरी के आरोप सोशल मीडिया पर लगाए गए हैं. इसमें आरोप लगाया गया कि दान के पैसों में काफी गड़बड़ी की गई है. इसके साथ ही कुछ लोगों ने इसका निजी इस्तेमाल किया है.

आरोप लगने के बाद जांच कमेटी गठित
सोशल मीडिया पर जैसे ही इस तरह के आरोप लगाए गए. वैसे ही बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) हरकत में आ गई, चंदा चोरी के आरोपों पर सख्ती से एक्‍शन लेने के आदेश द‍िए गए हैं. बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने पूरे मामले की जांच के लिए जांच समिति बना दी गई है. जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं उनसे पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है.

अध्यक्ष ने कहा कि कमिटी की जांच रिपोर्ट सबके सामने सार्वजनिक रूप से रखी जाएगी. इस पर जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि हमने इस मामले को बहुत गंभीरता के साथ में लिया है, क्योंकि यह लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल है.

केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष की सफाई आई सामने
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने कहा कि श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर धाम में दान और चढ़ावे के कथित गबन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और आरोपों के बारे में, मैं यह कहना चाहता हूं कि मंदिर समिति ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है.

उन्‍होंने कहा कि हमारे मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने गिनती की प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मचारियों और अधिकारियों बताओ नोटिस जारी कर दिए हैं. तुरंत प्रभाव से एक जांच समिति भी बनाई गई है. यह समिति अपनी जांच करेगी और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपेगी, जिसे सार्वजनिक किया जाएगा.

अध्यक्ष ने क‍हा कि किसी भी हालत में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा. क्योंकि यह एक बहुत संवेदनशील मामला है जिसे हम पूरी गंभीरता से ले रहे हैं, क्योंकि लाखों लोगों की इस पवित्र तीर्थ स्थल में गहरी आस्था है. सभी जरूरी कार्रवाई 24 घंटे के भीतर शुरू कर दी गई थी.

अपने पीए को लेकर भी दी सफाई
चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मैं सोशल मीडिया पर “चेयरमैन के निजी सचिव के बारे में चल रहे दावों पर भी एक बात साफ करना चाहता हूं कि मेरा कोई निजी सचिव नहीं है. ये सभी लोग मंदिर समिति के कर्मचारी हैं. जिस व्यक्ति को “निजी सचिव” कहा जा रहा है, वह असल में बद्री-केदार मंदिर समिति का एक नियमित कर्मचारी है.

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