रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOC) और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी की अपील को खारिज कर दिया है. आयोग ने शिकायतकर्ता को हर्जाना देने का दुर्ग जिला उपभोक्ता आयोग का आदेश बरकरार रखा है.
मामला भिलाई निवासी प्रिया झा द्वारा दायर शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उनके पिता अशोक कुमार झा की मौत गैस सिलेंडर में आग लगने से हुई थी. घटना 31 जनवरी 2024 को हुई थी, जब सिलेंडर में आग लगने के कारण वे गंभीर रूप से झुलस गए और इलाज के दौरान 5 फरवरी 2024 को उनकी मृत्यु हो गई.
मामले में प्रिया झा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने 8,00,000 रुपए मुआवजा, 1,00,000 रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति और 5,000 रुपए वाद व्यय के तौर पर भुगतान के साथ 30 दिनों के भीतर भुगतान नहीं करने पर 6% वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया था.
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश चुनौती देते हुए राज्य उपभोक्ता आयोग में अलग-अलग अपीलें दायर की थीं. कंपनियों का तर्क था कि दुर्घटना उपभोक्ता की लापरवाही और पंजीकृत पते से अलग स्थान पर हुई थी, इसलिए बीमा पॉलिसी के तहत दायित्व नहीं बनता.
राज्य उपभोक्ता आयोग ने सभी दस्तावेजों और तथ्यों की समीक्षा के बाद पाया कि मृतक उपभोक्ता के रूप में गैस कनेक्शन वैध था. दुर्घटना के पहले गैस लीकेज की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी. आवश्यक जांच और सुरक्षा प्रक्रिया का उचित पालन नहीं किया गया. इन आधारों पर आयोग ने कहा कि जिला आयोग का आदेश सही है और उसमें हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं है.
आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी की अपीलें निराधार हैं, इसलिए उन्हें खारिज किया जाता है और जिला उपभोक्ता आयोग दुर्ग के आदेश की पुष्टि की जाती है.
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