न्यायधानी बिलासपुर में शिक्षा के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, (School Dispute) जहाँ ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल द्वारा सीबीएसई संबद्धता का झूठा दावा कर सैकड़ों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का मामला गरमा गया है। जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने पूरे साल सीबीएसई पाठ्यक्रम के आधार पर पढ़ाई कराई और मोटी फीस वसूली, लेकिन वार्षिक परीक्षा संपन्न होने के बाद अचानक अभिभावकों को मैसेज भेजकर छत्तीसगढ़ बोर्ड (CG Board) के तहत दोबारा परीक्षा दिलाने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया।
पालकों का भारी हंगामा, कलेक्ट्रेट से लेकर थाने तक बवाल (School Dispute)
इस विश्वासघात से आक्रोशित सैकड़ों पालकों और विद्यार्थियों ने सोमवार सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और जब ठोस समाधान नहीं निकला, तो रात होते-होते यह गुस्सा सड़क पर उतर आया। उग्र प्रदर्शनकारियों ने स्कूल मुख्यालय, कलेक्टर बंगले के पास और सिविल लाइन थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी की, जिससे शहर में तनाव और जाम की स्थिति निर्मित हो गई। अभिभावकों का सीधा आरोप है कि स्कूल ने धोखाधड़ी कर बच्चों का साल बर्बाद किया है और अब अपनी गलती छिपाने के लिए उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।
मान्यता के फर्जीवाड़े को लेकर आधी रात सड़कों पर उतरे अभिभावक, स्कूल प्रबंधन के खिलाफ FIR की मांग
मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, वहीं पीड़ितों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। जिला शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर जिला मुख्यालय में इतने बड़े स्तर पर बिना मान्यता के यह गौरखधंधा कैसे फल-फूल रहा था
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