Betul News: मध्य प्रदेश के बैतूल में कहने को तो नगर पालिका परिषद हर महीने 35 लाख रुपये सफाई के लिए खर्च कर रही है. लेकिन चौराहों और सड़कों को देखकर लगता है कि सरकार का सारा पैसा गंदगी में बह रहा है. सफाई के नाम पर जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है. सड़कों के किनारे कूड़े का ढेर दिखाई दे रहा है. सरकारी पैसा तो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया लेकिन जनता के लिए बीमारियों को दावत देने की पूरी व्यवस्था कर दी गई है.
125 सफाईकर्मी, 35 लाख और 33 वार्डों का ये हाल?
बैतूल नगर पालिका परिषद के 33 वार्डों के लिए हर महीने 35 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इसके लिए 125 सफाईकर्मी भी लगाए गए हैं. लेकिन सड़कों पर इसका असर उल्टा दिखाई दे रहा है. चौक-चौराहों पर कचरे का अंबार नजर आ रहा है. शायद ही कोई चौराहा हो, जिसे ये कहा जा सके कि यहां सफाई की मुकम्मल व्यवस्था की गई हो. अधिकतर वार्डों में आपको बंदरबांट की बानगी दिख जाएगी. जिम्मेदार सरकारी अधिकारी तो भ्रष्टाचार करके मौज कर रहे हैं, लेकिन जनता उन्हीं गंदगी भरे रास्तों से गुजर कर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है. जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी सड़कों से लेकर गलियों और नालों में दिखाई दे रही है.
फोटो चमकाकर किया जा रहा है दिखावा
वहीं वार्डों में रहने वाले लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण काफी परेशानी होती है. नालियों से बदबू के कारण आसपास चलना भी दूभर हो जाता है. कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं की गई. अधिकारी आते हैं दीवारों पर पुताई करवाकर अपनी अच्छी फोटो दिखाकर खानापूर्ति कर लेते हैं.
बीमारियों को निमंत्रण
मध्य प्रदेश में इस बार भीषण गर्मी पड़ रही है. सभी जिलों में 40 के ऊपर तापमान है. 4 जिलों में तो पारा 44 के ऊपर निकल गया है. अधिकतर जिलों में लू का अलर्ट है. ऐसे में बैतूल में सड़कों पर गंदगी का अंबार बीमारियों को न्योता दे रहा है. नालियों में गंदगी जमा हो रही है, कीटनाशक और चूना भी नहीं डाला जा रहा है. जो सीधे तौर पर आम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है.
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