West Bengal Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद अब राज्य मंत्रिमंडल के पहले बड़े विस्तार की तैयारी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री सुवेंदुअधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार 1 जून को कैबिनेट विस्तार कर सकती है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस दौरान 3 से 5 नए विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है, हालांकि अंतिम सूची पर पार्टी नेतृत्व की मुहर लगना बाकी है.
दरअसल, 9 मई को सरकार गठन के समय मुख्यमंत्री के साथ केवल पांच मंत्रियों ने शपथ ली थी. उस वक्त भाजपा नेतृत्व ने संकेत दिया था कि बाद में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा.
वर्तमान में कई महत्वपूर्ण विभाग सीधे मुख्यमंत्री के पास हैं, ऐसे में नए मंत्रियों को जिम्मेदारी देकर प्रशासनिक कामकाज को और व्यवस्थित करने की तैयारी की जा रही है.
इन नामों की चर्चा तेज
मंत्रिमंडल में जगह पाने के लिए कई बड़े नाम कतार में हैं. विधानसभा चुनाव जीतकर आए स्वपन दासगुप्ता, रूपा गांगुली, तापस रॉय और रितेश तिवारी जैसे वरिष्ठ नेता मंत्री पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. शंकर घोष और बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह को भी मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है.
किन समीकरणों का रखा जाएगा ध्यान
सूत्रों के मुताबिक पार्टी क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को मौका दे सकती है. उत्तर बंगाल, जंगलमहल, महिला प्रतिनिधित्व और विभिन्न सामाजिक वर्गों को मंत्रिमंडल में उचित भागीदारी देने पर भी विचार किया जा रहा है. कुछ वरिष्ठ नेताओं और पहली बार विधायक बने नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विस्तार भाजपा सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगा क्योंकि विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद पार्टी अब प्रशासनिक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है. कैबिनेट विस्तार के जरिए सरकार विकास योजनाओं और चुनावी वादों को तेजी से लागू करने का संदेश भी देना चाहती है.
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