ग्राम पोड़ी के ग्रामीणों और आदिवासी किसानों ने (Public Audience) बांधा जलाशय के चौड़ीकरण कार्य में अधिग्रहित की गई निजी भूमि का मुआवजा नहीं मिलने पर प्रशासन से न्याय की मांग की है। किसानों का कहना है कि लगभग 14 वर्ष पूर्व सिंचाई विभाग बिलासपुर द्वारा बांधा जलाशय का चौड़ीकरण कराया गया था, जिसके लिए गांव के करीब 40 आदिवासी किसानों की निजी भूमि जलाशय में शामिल कर ली गई। आरोप है कि भूमि लेने के बावजूद आज तक प्रभावित किसानों को किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया गया है।
40 किसानों ने प्रशासन से लगाई गुहार, (Public Audience)
ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने कई बार सिंचाई विभाग, एसडीएम कार्यालय तथा कलेक्टर कार्यालय के जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत कर अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया गया। किसानों का कहना है कि भूमि चले जाने से उनकी आजीविका प्रभावित हुई है और वर्षों से वे अपने अधिकार के लिए भटक रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बांधा जलाशय विस्तार में जिन किसानों की जमीन ली गई है, उनकी भूमि का उचित मूल्यांकन कर जल्द से जल्द मुआवजा राशि प्रदान की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
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