UP Deputy cm keshav prasad Maurya: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य हमेशा अपने बयानों के कारण चर्चा में बने रहते हैं. इस बार भी वह अपने बयान के कारण ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं. इस बार डिप्टी सीएम का बयान मदरसों को लेकर सामने आया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि मदरसा कहीं भी हो वह आतंकवाद ही पैदा करता है. मौर्य के इस बयान के बाद नई बहस छिड़ गई है.
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल धार्मिक शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय आधुनिक विषयों से भी जोड़ना जरूरी है, ताकि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धा में बेहतर अवसर हासिल कर सकें.
मौर्य ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी समुदाय या संस्था को निशाना बनाना नहीं है. बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र को ऐसी शिक्षा मिले जो उसे रोजगार, तकनीक और आधुनिक समाज की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर सके. उन्होंने विज्ञान, गणित, कंप्यूटर और अन्य समकालीन विषयों की पढ़ाई पर विशेष जोर देने की बात कही.
क्या बोले डिप्टी सीएम केशव?
“मदरसा चाहे बांग्लादेश का हो, या पाकिस्तान का, या भारत का हो, मदरसा अघोषित रूप से आतंकवाद को पैदा करती हैं.अब उपमुख्यमंत्री अपने इस बयान को लेकर चर्चाओं में घिर गए हैं. प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान बीजेपी के लिए नई मुसीबत खड़ा कर सकता है. विपक्ष ने इस बयान को लेकर विरोध जाहिर किया है.
मदरसों पर सख्ती की तैयारी में यूपी सरकार?
राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं. आज यूपी कैबिनेट बैठक होने जा रही है. ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस बैठक में मदरसों को लेकर कोई सख्त नियम बन सकता है. यही वजह है कि डिप्टी सीएम ने इस तरह का बयान दिया है. सूत्रों की मानें तो, आज की कैबिनेट बैठक में प्रदेश में मदरसों में डिग्री कोर्ट पूरी तरह बंद होने की घोषणा हो सकती है.
मदरसों को आतंकवाद से जोड़ना गलत- शहाबुद्दीन
डिप्टी सीएम के इस बयान पर मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने विरोध जाहिर किया है. उन्होंने कहा कि मदरसों को आतंकवाद से जोड़ना इतिहास और उनके योगदान की अनदेखी है. ऐसे बयान मुस्लिम समाज की भावनाओं को आहत करते हैं .
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