धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आत्महत्या का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है और अब एक बार फिर एक ही दिन में तीन लोगों ने अपनी जान दे दी है।
श्मशान घाट में की आत्महत्या
पहली घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम अमेठी की है, जहां धनेश्वर विश्वकर्मा ने अपने ही गांव के श्मशान घाट में शराब में जहर मिलाकर पी लिया। परिजनों को जानकारी मिली तो आनन फानन में उसे धमतरी जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
युवक ने फांसी लगाकर दी जान
दूसरी घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के लालबगीचा वार्ड की है, जहां बबला सेन नामक युवक ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक हंसते खेलते युवक ने मौत को गले लगा लिया।
अचेत अवस्था में पड़ा मिला युवक
तीसरी घटना दरगहन की है, जहां निवासी केशव सोरी खेत में दवाई छिड़काव करने गया था, लेकिन बोरिंग के पास वो अचेत अवस्था में पड़ा मिला। परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
बहरहाल तीनों ही मौतों का कारण अज्ञात बना हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है, लेकिन सवाल ये है कि धमतरी में लगातार हो रही ये आत्महत्याएं कब रुकेंगी। ये समाज के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
3 सालों में 500 युवाओं ने दी जान
बता दें कि जिले में सुसाइड एक गंभीर संकट बनता जा रहा है. जिला अस्पताल के डॉक्टरों की मानें तो पिछले 3 साल 8 महीनों में कुल 1265 पोस्टमार्टम हुए हैं, और इसमें से लगभग 50 प्रतिशत मामले आत्महत्या के हैं. 500 से ज्यादा केस सिर्फ सुसाइड के दर्ज किए गए हैं, और इसमें सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की है. ये आंकड़े सिर्फ जिला अस्पताल के हैं, अगर पूरे जिले की बात करें तो ये आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा होगा.
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