क्या कार्डियक अरेस्ट, हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक? क्या इसके लक्षण दिखते हैं?

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर एक बहुत महत्वपूर्ण सवाल है, क्योंकि लोग अक्सर हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक ही समझ लेते हैं. जबकि दोनों अलग होते हैं. अगर समय पर मदद न मिले तो कार्डियक अरेस्ट ज़्यादा खतरनाक होता है, क्योंकि इसमें व्यक्ति की जान कुछ ही मिनटों में जा सकती है.

जिस तरह से अचानक मौत के ये मामले सामने आ रहे ये बेहद चिंताजनक और डराने वाले हैं. कैसे हंसता खेलता इंसान अचानक दुनिया छोड़ दे रहा है. इन सभी मामलों में दिल अचानक साथ छोड़ देता है. जब अचानक किसी का दिल काम करना बंद कर दे तो समझ लीजिए कि उसे कार्डियक अरेस्ट हुआ है.

यह बिना चेतावनी के और अचानक होता है. कार्डियक अरेस्ट को ऐसे समझें कि ये दिल के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में खराबी से होता है. इसमें पूरा शरीर एक झटके में काम करना बंद कर देता है. कार्डियक अरेस्ट आने पर मिनटों में जान जा सकती है. कार्डियक अरेस्ट अक्सर बिना चेतावनी आता है, और मरीज को कुछ समझने या बताने तक का मौका नहीं मिलता.

कार्डियक अरेस्ट हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक क्यों होता है?

– हार्ट अटैक तब होता है जब दिल की मांसपेशियों को खून पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आ जाती है. इसका असर धीरे-धीरे होता है और अक्सर मरीज को वक्त मिल जाता है इलाज कराने का.

– लेकिन कार्डियक अरेस्ट में दिल की धड़कन अचानक पूरी तरह बंद हो जाती है. इसका मतलब है कि शरीर में खून का संचार रुक जाता है और दिमाग और बाकि अंगों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती. अगर 2-4 मिनट के भीतर CPR या मेडिकल सहायता न मिले, तो मरीज की जान जा सकती है.

हार्ट अटैक को ऐसे समझें –

कारण- दिल की धमनियों में ब्लॉकेज. लक्षण- सीने में दर्द, सांस की तकलीफ. चेतावनी- कभी-कभी पहले से लक्षण. इलाज – अस्पताल में दवाएं या सर्जरी

कार्डियक अरेस्ट को ऐसे समझें

कारण- दिल के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में खराबी. कारण- अचानक बेहोशी, सांस रुकना. लक्षण- अक्सर बिना चेतावनी आता है. इलाज तुरंत CPR और शॉक थेरेपी ज़रूरी

कार्डियक अरेस्ट के लक्षण क्या होते हैं?

1 अचानक बेहोश हो जाना 2 सांस ना आना या बहुत धीमी सांस लेना 3 दिल की धड़कन बंद हो जाना 4 कुछ मामलों में सीने में तेज दर्द या घबराहट पहले से महसूस हो सकती है 5 आंखें खुली रह जाना लेकिन प्रतिक्रिया नहीं देना

कार्डियक अरेस्ट के समय क्या करें?

-तुरंत CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) शुरू करना -अगर ऑटोमैटिक डिफिब्रिलेटर (AED) उपलब्ध हो, तो उसका इस्तेमाल करें -108 या नजदीकी इमरजेंसी हेल्पलाइन को कॉल करें -हर मिनट की देरी मौत के खतरे को बढ़ा देती है

कार्डियक अरेस्ट, हार्ट अटैक से कहीं ज्यादा गंभीर स्थिति है क्योंकि इसमें व्यक्ति मिनटों में मौत के करीब पहुंच सकता है, इसीलिए यह जरूरी है कि लोग कार्डियक अरेस्ट को पहचानना और फर्स्ट एड (जैसे CPR) देना सीखें.

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