जयशंकर ने ट्रंप के टैरिफ को बताया ‘अनोखा’, बोले- भारत रूस से तेल खरीदना रखेगा जारी

S Jaishankar Slams Trump: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नीतियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ट्रंप का दुनिया से व्यवहार करने का तरीका ‘अनोखा’ है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर 50% तक के टैरिफ लगा दिए हैं. जयशंकर ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि ट्रंप टैरिफ को व्यापार और गैर-व्यापार मुद्दों दोनों के लिए इस्तेमाल करते हैं, जो एक नई बात है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने किसानों और घरेलू हितों से कोई समझौता नहीं करेगा, भले ही अमेरिका कितना दबाव डाले.

दूसरी ओर, मॉस्को में भारत के राजदूत विनय कुमार ने रूसी समाचार एजेंसी तास से बातचीत में कहा कि भारत तेल जहां से ‘बेस्ट डील’ मिलेगी, वहां से खरीदेगा. उन्होंने अमेरिकी टैरिफ को ‘अनुचित, अनुचित और अनुचित’ करार दिया. विनय कुमार ने जोर देकर कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा 1.4 अरब लोगों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और रूस के साथ सहयोग वैश्विक तेल बाजार को स्थिर रखने में मदद कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा.

बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच यह विवाद अगस्त 2025 की शुरुआत में शुरू हुआ, जब ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर भारत से आयातित सामानों पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगा दिया, जो पहले से लगे 25% पर जोड़कर कुल 50% हो गया. अमेरिका का आरोप है कि भारत रूस से तेल खरीदकर मॉस्को की युद्ध अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है. ट्रंप प्रशासन ने भारत को ‘क्रेमलिन का लॉन्ड्रोमेट’ तक कहा है. हालांकि, भारत ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. जयशंकर ने कहा कि रूसी तेल का मुद्दा पहले कभी अमेरिका के साथ चर्चा में नहीं आया था और इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.

भारत ने बार-बार कहा है कि उसकी व्यापार नीतियां राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर आधारित हैं, न कि भू-राजनीतिक दबावों पर. पिछले साल भारत ने रूस से रिकॉर्ड 52 अरब डॉलर का तेल आयात किया, जो वैश्विक बाजार में स्थिरता लाने में मददगार रहा. अमेरिका ने चीन पर भी इसी तरह के टैरिफ की धमकी दी है, लेकिन अभी कार्रवाई नहीं की. दिलचस्प बात यह है कि चीन ने भारत के खिलाफ अमेरिकी टैरिफ की निंदा की है और समर्थन का ऐलान किया है.

टैरिफ भारत-अमेरिका संबंधों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर अडिग है. जयशंकर ने कहा कि अगर अमेरिका को भारतीय तेल या रिफाइंड उत्पाद पसंद नहीं, तो वे न खरीदें. भारत अब रूस के साथ व्यापार बढ़ाने पर फोकस कर रहा है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो और फैशन जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

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