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लाल किला परिसर से चोरी एक करोड़ का कलश हापुड़ से बरामद, आरोपी का खुलासा- एक नहीं, 3 कलश हुए थे चोरी

Red Fort Gold Theft: दिल्ली के लाल किला परिसर में जैन समुदाय के धार्मिक समारोह के दौरान हुई एक करोड़ रुपये के सोने के कलश की चोरी की गुत्थी दिल्ली पुलिस ने सुलझा ली है. हापुड़ में छापेमारी के दौरान चोरी हुआ मुख्य कलश बरामद कर लिया गया, और जांच में चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है. चोर ने कबूला है कि एक नहीं, बल्कि तीन कलश चोरी किए गए थे. मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है, क्योंकि यह लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है.

3 सितंबर को लाल किला परिसर के 15 अगस्त पार्क में जैन समुदाय के एक धार्मिक समारोह के दौरान एक बेशकीमती कलश चोरी हो गया. यह कलश 760 ग्राम शुद्ध सोने का था, जिसमें 150 ग्राम हीरे, माणिक, और पन्ने जड़े थे, और इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई थी. इसके साथ ही, एक छोटा कलश (115 ग्राम, रत्नजड़ित) और एक सोने का नारियल भी चोरी हुआ था. समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी के बीच चोर ने भीड़ का फायदा उठाकर इस वारदात को अंजाम दिया.

सीसीटीवी से मिला सुराग
दिल्ली पुलिस ने लाल किला परिसर के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति धोती-कुर्ता और जैन पुजारी के वेश में चोरी किए गए सामान से भरा बैग लेकर भागता दिखा. फुटेज से पता चला कि आरोपी ने कई दिनों तक आयोजन स्थल की रेकी की थी और वह श्रद्धालुओं के बीच आसानी से घुलमिल गया था. इस सबूत के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की पहचान की और उसे हापुड़ से गिरफ्तार कर लिया.

हापुड़ से बरामदगी और तीन कलश चोरी का खुलासा
पुलिस ने हापुड़ में छापेमारी कर मुख्य सोने का कलश, छोटा कलश, और सोने का नारियल बरामद किया. जांच के दौरान मुख्य आरोपी ने कबूल किया कि उसने एक नहीं, बल्कि तीन कलश चोरी किए थे. आयोजक पुनीत जैन के मुताबिक, आरोपी पहले भी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में तीन अन्य मंदिरों में चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका है. यह खुलासा इस मामले को एक सुनियोजित आपराधिक साजिश की ओर इशारा करता है.

पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने कोतवाली थाने में ई-एफआईआर (FIR नंबर 145/2025) दर्ज की और उत्तरी दिल्ली के डीसीपी राजा बांठिया की देखरेख में एक विशेष जांच टीम गठित की गई. सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक विश्लेषण और तकनीकी जांच के आधार पर मुख्य आरोपी को हापुड़ से गिरफ्तार किया गया. डीसीपी ने बताया कि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है, और यह जांच यह भी पता लगाएगी कि क्या यह कोई बड़ा चोरी का गिरोह है.

सुरक्षा पर सवाल
यह घटना लाल किला जैसे ऐतिहासिक और संवेदनशील स्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है. समारोह में इतने बड़े स्तर पर चोरी होने और चोर के आसानी से भागने ने आयोजकों और पुलिस की तैयारियों की पोल खोल दी है. जैन समुदाय ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं.

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