किसी भी राज्य नेतृत्व के बल पर ही बाकी मंत्री के कामकाज की समीक्षा होती है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पिछले बीस महीने में नक्सलवाद के खिलाफ ऐसा मोर्चा सम्हाला जिसके चलते ये स्थिति हो गई है कि नक्सली या तो मारे जा रहे है या समर्पण कर रहे है। कांग्रेस शासनकाल में शहरी नक्सलियों द्वारा संरक्षित नक्सलियों ने अवैध रूप से खूब चंदा उगाही की। बीते पांच साल मे बस्तर में नक्सलवाद इतना फल फूल गया कि हथियार गोला बारूद बनाने की फैक्ट्री भी डाल दिए।

भाजपा की सरकार बनते और विष्णु देव साय के मुख्यमंत्री बनने के बाद बस्तर के आदिवासियों के जीवन को सुरक्षित करने और नक्सलियों के आतंकवाद से बचाने का दोहरा आक्रमण शुरू हुआ। देश के गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में विष्णु देव साय ने गृह मंत्री विजय शर्मा को बस्तर पर निगरानी रखने के साथ खुद ने भी व्यक्तिगत रुचि रख कर केंद्रीय और राज्य के पुलिस के साथ सामंज्यस बिठाया। राज्य की इंटेलिजेंस को समृद्ध बनाकर मॉनिटरिंग कर केंद्र के संपर्क में रहे।

बदलता बस्तर और संवरता बस्तर के नारे को असली जामां पहनाने के लिए विष्णु देव साय ने बीस महीने में बड़े शानदार ढंग से रणनीति और कौशल का उपयोग कर नक्सलियों की कमर तोड़ दी है। माना जाता है कि विष्णु देव साय को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने में अमित शाह की भूमिका महत्वपूर्ण थी। आदिवासियों को उनके हक को दिलाने के लिए उनके ही समाज को नेतृत्व मिलने के बाद विष्णु देव साय ने राज्य को अमित शाह द्वारा 31मार्च 2026को नक्सलवादियों के समाप्ति के निर्णय को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की शांत मना कार्यप्रणाली भाजपा के कुछ लोगों सहित कुछ नौकरशाहों को हजम नहीं हो रही है। इससे बेफिक्र विष्णु देव साय , अमित शाह की कार्यप्रणाली अनुसार राज्य को नक्सलवाद खात्मे में अग्रसर है
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