रायपुर। पत्रकार सुनील नामदेव को जिला एवं सत्र न्यायालय ने बाइज्जत बरी कर दिया है। उन पर कांग्रेस सरकार के समय रायपुर में भी धारा 21C एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेष शर्मा ने अपने निर्णय में मामले को झूठा करार देते हुए बरी किया है। पत्रकार सुनील नामदेव ईडी के छापों की कार्यवाही पर खुलकर पत्रकारिता कर रहे थे। राजनीति के धुरंधरों को लगातार कटघरे में खड़ा कर रहे थे। उन्होंने पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके गिरफ्तार उप सचिव सौम्या चौरसिया को लेकर लगातार खुलासा किया था।

इन मामलों को लेकर वर्ष 2023 में उन पर कई आरोप लगे। उन्हें दो बार गिरफ्तार का जेल भेजा गया। उल्लेखनीय है कि उन्हें इसके पूर्व भी गंभीर धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उनके मकान पर बुलडोजर चलाया गया था। पुलिस हिरासत में उन्हें सैनिटाइजर पिलाने का भी आरोप है, जिस पर मानव अधिकार संज्ञान लेकर जांच कर रही है। इन मामले में जमानत के बाद धारा 21C एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में कोर्ट ने सुनवाई के बाद आदेश जारी किया।
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