50 लाख की बीमा राशि के लालच में भाई ने की बहन की हत्या, 9 साल बाद खुला हत्या का राज

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने करीब 9 साल पुराने एक सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी चंदन कुमार को बिहार के लखीसराय जिले से दबोचा है। पुलिस के मुताबिक, चंदन कुमार ने अपने भाई कुंदन कुमार और जीजा कमल कुमार के साथ मिलकर एक महिला की हत्या की साजिश रची थी। आरोप है कि तीनों ने 50 लाख रुपये की बीमा राशि और महिला की संपत्ति हड़पने के लालच में इस वारदात को अंजाम दिया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले सुनियोजित तरीके से महिला की हत्या की और फिर बीमा क्लेम तथा मकान पर कब्जा करने की कोशिश की।

घटना के बाद मामले की जांच शुरू हुई, जिसमें दो आरोपियों की भूमिका पहले ही सामने आ चुकी थी, जबकि चंदन कुमार लगातार फरार चल रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर बिहार के लखीसराय में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी मिली है, जिनके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त 2017 को बुराड़ी के अजीत विहार स्थित एक मकान में 43 वर्षीय अनीता देवी का शव खून से लथपथ हालत में बरामद हुआ था। अनीता देवी की गला रेतकर हत्या की गई थी। घटनास्थल की स्थिति देखकर इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना के बाद मृतका के भाई कमल कुमार ने पुलिस को बताया था कि अनीता के पति ने उनकी हत्या की है। शुरुआती जांच में मामला पारिवारिक विवाद और आपसी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा था। हालांकि, पुलिस ने जब गहन जांच शुरू की तो मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

लालच में आकर भाई ने की अपनी ही बहन हत्या
हालांकि, पुलिस की गहन जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे एक सुनियोजित साजिश थी। जांच के दौरान पता चला कि अनीता देवी ने 50 लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी में अपने भाई कमल कुमार को नॉमिनी बनाया था। इसके अलावा बुराड़ी स्थित मकान भी वसीयत के जरिए कमल कुमार के बेटे के नाम कर दिया गया था। पुलिस के अनुसार, भारी कर्ज में डूबे कमल कुमार ने बीमा राशि और संपत्ति हासिल करने के लालच में अपने साले चंदन कुमार और कुंदन कुमार के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने मामले को इस तरह पेश करने की कोशिश की कि शक अनीता के पति पर जाए, लेकिन जांच के दौरान साजिश का पर्दाफाश हो गया। मामले में कमल कुमार को वर्ष 2017 में ही गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं, चंदन कुमार और कुंदन कुमार फरार हो गए थे। लगातार गैरहाजिर रहने के कारण अदालत ने वर्ष 2018 में दोनों को घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया था।

हाल ही में क्राइम ब्रांच को तकनीकी निगरानी (टेक्निकल सर्विलांस) के जरिए सूचना मिली कि चंदन कुमार बिहार के लखीसराय जिले में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या की साजिश और अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि चंदन का भाई और सह-आरोपी कुंदन कुमार वर्ष 2018 में अपने गांव के पास एक रेलवे स्टेशन के नजदीक मृत पाया गया था। पुलिस ने उसके मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) की भी पुष्टि कर ली है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी है।

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