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अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप पर ED की रेड, कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी, विदेशी करेंसी से जुड़ा है मामला

ED Action on Anil Agarwal: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप के कई ठिकानों पर छापेमारी की है. यह कार्रवाई ‘विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम’ (FEMA) से जुड़े मामले में की गई है. ईडी की टीम ने सोमवार को वेदांता ग्रुप में छापेमार कार्रवाई की थी, जो अभी भी जारी है. फिलहाल, इस मामले को लेकर कंपनी की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम ने फेमा अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की है. फेमा भारत में विदेशी मुद्रा के लेन-देन पर निगरानी रखता है. यह एक्शन तब लेता है, जब किसी कंपनी या व्यक्ति पर विदेशी मुद्रा के लेनदेन में उल्लंघन की शंका होती है. इसमें ज्यादातर अवैध रूप से विदेश में धन हस्तांतरण करना, हवाला, विदेश में अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करना, या विदेशी निवेश से संबंधित नियमों का पालन न करना जैसे मामले शामिल होते हैं.

क्या करती है अनिल अग्रवाल की वेदांता कंपनी?
वेदांता, जिसके मालिक अनिल अग्रवाल हैं. वह भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी है. वेदांता भारत में कुल जरूरत जिंक का करीब 80 प्रतिशत से ज्यादा उत्पादन अकेले करती है. यह भारत की बहुत बड़ी कंपनी है, जिसने हाल ही में करीब 2 लाख करोड़ रुपए के भारी निवेश की योजना तैयार की है.

कंपनी का विवादों से पुराना नाता
ऐसा नहीं है वेदांता ग्रुप पर पहली बार कोई कार्रवाई हो रही है. यह कंपनी पहले भी कई बार विवादों में रह चुकी है. हाल ही में छत्तीसगढ़ के एक पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 20 से ज्यादा मजदूरों की मौत हो गई थी. इस मामले में मालिक अनिल अग्रवाल पर भी एफआईआर दर्ज हुई थी. करीब 22 साल पहले साल 2004 में भी ईडी ने फेमा के नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया था और कंपनी समेत उसके मालिक पर जुर्माना लगाया था.

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