बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में आज नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की। बसोर मोहल्ला में वर्षों से रह रहे लोगों की झोपड़ियों को खाली कराया गया। सुबह से ही नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि यहां रह रहे करीब 86 परिवारों को इमलीभाठा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों में बसाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जा रही है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि वे 70 से 80 सालों से इसी जगह रह रही हैं, फिर भी उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि कुछ झोपड़ियों को तोड़ा गया, जबकि कुछ को छोड़ दिया गया, जो गलत है। उन्होंने मांग की कि अगर कार्रवाई हो रही है तो सभी के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाए।
एक पीड़ित महिला ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि उसका बेटा दिव्यांग है और गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। वह चलने-फिरने में असमर्थ है। महिला का आरोप है कि उनका घर तोड़ दिया गया, लेकिन अभी तक उन्हें नया मकान नहीं मिला है। उन्होंने नगर निगम से तुरंत आवास देने की मांग की है।
नगर निगम अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि सभी 86 परिवारों को इमलीभाठा में बसाने की प्रक्रिया जारी है और किसी के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह इलाका बरसात में जलभराव की समस्या से जूझता है। नाला छोटा होने के कारण पानी भर जाता है, जिसे अब चौड़ा किया जाएगा। साथ ही यहां गार्डन और अन्य विकास कार्य भी किए जाएंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन परिवारों को अभी तक मकान नहीं मिला है, उन्हें समय पर आवास मिलेगा या नहीं। पुनर्वास की प्रक्रिया कितनी न्यायपूर्ण होगी, यह आने वाले दिनों में साफ हो पाएगा।
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