MP News: छत्तीसगढ़ के बाद अब मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर की बिक्री पर लगाम लगने वाली है. सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एनालॉग पनीर पर रोक लगाने का निर्देश जारी कर दिया है, आने वाले 1-2 दिनों में सरकार की तरफ से इसका अध्यादेश भी जारी कर दिया जाएगा. अभी तक पूरे प्रदेश में असली पनी के नाम पर जमकर एनालॉग पनी की बिक्री की जाती थी. राज्य सरकार ने एनालॉग पनीर के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य खतरों को देखते हुए ये फैसला लिया है.
जल्दी ही जारी होगा आदेश
बीते मंगलवार यानी 11 अगस्त को राज्य के चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इंदौर में यह घोषणा की. यहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए स्वीकार किया कि मध्य प्रदेश में इस समय लोगों के बिना बताए एनालॉग पनीर की बिक्री हो रही है. इसीलिए रक्षाबंधन के त्यौहार के अवसर पर 20 जुलाई से बाकायदा खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत इस तरह के दुग्ध उत्पाद की सेकंड चेकिंग की जा रही है. उन्होंने कहा जल्द ही विभाग एनालॉग पनीर को प्रतिबंधित करने के आदेश जारी कर देगा.
क्या है एनालॉग पनीर?
असली पनी दूध से बनता है, जबकि एनालॉग पनीर दूध की बजाय पाम आयल, सस्ते वनस्पति सोयाबीन और तेल स्टार्च और केमिकल से तैयार किया जाता है. जाहिर है कि इस स्तिथि में इसे खाने पर दिल की बीमारियां, खराब कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं. यहीं वजह है कि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पहले से ही एनालॉग पनीर पर बैन लग चुका है और अब एमपी में भी एनालॉग पनीर पर रोक लगने जा रही है.
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