तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद अभिनेता से नेता बने विजय अपनी पार्टी TVK की सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे हैं। हालांकि बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए उन्हें अभी भी 2 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में अब सबकी नजरें VCK के दो विधायकों पर टिकी हुई हैं।
विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है, जबकि विजय के पास फिलहाल 116 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है। अगर VCK के विधायक वन्नी अरसु और एल.ई. जोथिमनी समर्थन दे देते हैं, तो विजय की सरकार बनने का रास्ता साफ हो सकता है।
विजय अब तक राज्यपाल से तीन बार मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैं, लेकिन अभी तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसी बीच VCK नेताओं के बयान और सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज कर दी है।
VCK नेता वन्नी अरसु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि “भले ही कोई हमें हाशिए पर धकेलने की कोशिश करे, हम खुद तय करेंगे कि हम ही केंद्र हैं।” इस पोस्ट को तमिलनाडु की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि VCK अपने समर्थन को लेकर जल्द बड़ा फैसला ले सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, VCK अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर TVK को समर्थन देने के मुद्दे पर चर्चा की है। पार्टी की उच्च स्तरीय समिति की ऑनलाइन बैठक में भी इसी विषय पर विचार किया गया।
वन्नी अरसु ने तिन्दिवनम सीट से बेहद कम अंतर से जीत दर्ज की थी, जबकि एल.ई. जोथिमनी ने कट्टुमन्नारकोइल सीट से बड़ी जीत हासिल की। अब इन दोनों विधायकों का फैसला तमिलनाडु की नई सरकार की दिशा तय कर सकता है।
राज्य की राजनीति में जारी इस सस्पेंस के बीच अब सभी की नजरें VCK के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
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