‘कोल्ड्रिफ’ के बाद अब काल बनी आयुर्वेदिक दवा! छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से 5 महीने की बच्ची की मौत

MP News: मध्य प्रदेश में जहरीली कफ सिरप कोल्ड्रिफ ने ऐसा कहर बरपाया कि 24 मासूम काल के गाल में समा गए. अब माता-पिता एलोपैथी दवाओं पर भरोसा ना करके घरेलू नुस्खे, होम्योपैथी और आयुर्वेदिक दवाओं का सहारा ले रहे हैं. छिंदवाड़ा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां आयुर्वेदिक कफ सिरप पीने से एक बच्ची की मौत हो गई. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है.

क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ के वार्ड क्रमांक-12 आंबेडकर वार्ड का है. यहां रहने वाले संदीप मिनोटे की बेटी रूही (5 महीने) पिछले कई दिनों से बीमार चल रही थी. जब बेटी की तबीयत बिगड़ने लगी और सर्दी-खांसी बढ़ गई तो उसे बिछुआ अस्पताल लेकर गए. पिता संदीप ने आरोप लगाया कि अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं थे. इसके बाद बच्ची के परिजनों ने कुरेठे मेडिकल स्टोर से दवा ली. मेडिकल स्टोर संचालक ने रूही के परिजनों को अस्पताल की पर्ची के बिना ही आयुर्वेदिक कफ सिरप ‘कासामृत’ दे दी. परिजनों ने बताया कि इसके साथ मेडिकल स्टोर संचालक ने 16 पुड़िया दवा दी और कहा इससे बच्ची ठीक हो जाएगी.

परिजनों ने पुलिस से की शिकायत
बच्ची के परिजन घर पहुंचे और उसे कफ सिरप के साथ पुड़िया वाली दवा दी. इसके बाद बच्ची की तबीयत और बिगड़ने लगी. परिजन पहले बच्ची को बिछुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां डॉक्टर ने कहा मामला क्रिटिकल है, तुरंत छिंदवाड़ा रेफर किया जाए. पहले तो बच्ची को परिजन घर लेकर आ गए, बाद में गुरुवार (30 अक्टूबर) सुबह करीब 8.30 बजे जिला अस्पताल ले गए. जहां डॉक्टर्स ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया.

परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया. आरोप लगाया कि डॉक्टर्स और अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही की. इसके साथ ही परिजनों ने पुलिस से इस बारे में शिकायत की है.

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