Fake KYC Used For Fertilizer: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से सरकारी योजना के नाम पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है. यहां महतारी वंदन योजना की KYC कराने के बहाने महिलाओं से लिए गए आधार और बायोमेट्रिक का कथित दुरुपयोग 113 महिलाओं के नाम पर करीब 980 बोरी खाद का फर्जी आहरण किया गया.
महतारी वंदन योजना की KYC में फर्जीवाड़ा
- ये पूरा मामला बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड के कुंदीकला गांव का है.
- ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में महतारी वंदन योजना की KYC कराने के नाम पर महिलाओं से आधार कार्ड और अंगूठे का निशान लिया गया था.
- महिलाओं को बताया गया कि उनका योजना से जुड़ा काम पूरा किया जा रहा है. लेकिन बाद में इसी जानकारी और बायोमेट्रिक का इस्तेमाल खाद निकालने में कर लिया गया. कई महिलाओं को इसकी जानकारी तब हुई जब किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ा.
महिलाओं ने थाने में की शिकायत
ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत 25 जून 2026 को कलेक्टर के नाम SDM कार्यालय और राजपुर थाने में की थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि महिलाओं की जानकारी के बिना उनके नाम पर खाद का उठाव किया गया है. मामले में पुलिस ने CSC सेंटर संचालक और खाद विक्रेता सहित दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. दोनों आरोपी आपस में रिश्ते में भाई बताए जा रहे हैं.
जानें कैसे हुआ खुलासा?
शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई. नायब तहसीलदार स्तर पर की गई जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई. जांच रिपोर्ट के अनुसार 113 महिलाओं के नाम पर कुल 980 बोरी खाद निकाली गई थी.
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter