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राशन दुकानों से बिका बाजार का घटिया चांवल

राशन दुकानों के द्वारा पीडीएस जांच समिति के पास नागरिक आपूर्ति निगम के बदले बाजार से खरीद कर चांवल बेचने के प्रमाण आए है। जांच समिति में विपक्षी पार्टी के एक सदस्य ने नाम न बताने की शर्त पर बताया है कि प्रदेश की राशन दुकानों मे चांवल की कालाबाजारी की भरपाई करने के लिए खुले बाजार से घटिया चांवल खरीदवां कर न केवल रखवा कर भौतिक सत्यापन कराया गया है बल्कि आम जनता को इसे खाने पर भी मजबूर किया गया। विधानसभा के फरवरी में शुरू होने वाले बजट सत्र में राशन दुकानों में खुले बाजार से रखवाए गए चांवल का मुद्दा उठने वाला है2024 में कांग्रेस शासनकाल में हुए राशन दुकानों से छः सौ करोड़ रुपए के राशन चांवल घोटाले का मुद्दा उठा था।

जांच के लिए पूर्व खाद्य मंत्री पुन्नू लाल मोहिले की अध्यक्षता में विधान सभा समिति गठित हुई है। बीस से अधिक बैठकें हो चुकी है। राशन घोटाले में 216 करोड़ रुपए के चांवल घोटाले में किए गए कार्यवाही की जानकारी मांगी गई थी। विभाग के मॉड्यूल में अधिकारियों ने जानकारी दी है कि उनके जिले में तत्कालीन अतिरिक्त संचालक के निर्देश पर बाजार से घटिया चांवल को लाकर भरपाई की गई है।

राशन दुकानों में चांवल केवल नागरिक आपूर्ति निगम के द्वारा ही भंडारण कराया जा सकता है। राशन घोटाले को दबाने के लिए हजारों क्विंटल घटिया सामान्य चांवल जो कि गुणवत्ता विहीन था, बाजार से खरीद कर राशन के चांवल के साथ मिलवा कर बेचा गया है। सत्रह से अधिक जिले में तीस हजार क्विंटल चांवल राशन दुकानों में रखवाया गया है।बाजार से खरीद कर रखवाए गए चांवल के मामले में संचालनालय में बाकायदा मॉड्यूल भी बनवाया गया है और विभाग के अधिकारियों से एंट्री भी कराई गई है।

जांच समिति के द्वारा बजट या मानसून सत्र में घोटाले की रिपोर्ट पेश कर सकती है जिसमें संचालनालय स्तर के अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही प्रस्तावित कर सकती है। राशन दुकानों से मार्च 2024 से केवल फोर्टीफाइड चांवल बेचने का आदेश है। केंद्र सरकार ने आम जनता के स्वास्थ्य को ध्यान रखते हुए “सामान्य चांवल” की बिक्री पर रोक लगा दिया है।

फोर्टिफाइड चावल चावल में आधुनिक तकनीक द्वारा आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B 12 जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व बाहर से मिलाए जाते हैं। यह सामान्य चावल (FRK) के साथ 1:100 के अनुपात में मिलाया जाता है, जिसका उद्देश्य कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) को दूर करना है। बाजार के चांवल में एफआरके चांवल नहीं मिला होता है। राशन दुकानों में खुले बाजार के चांवल को खरीदवा कर आम जनता के स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ किया गया है .

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