Donald Trump Warnings to Iran: ईरान में आयतुल्लाह अली खामेनेई सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं. कई दिनों से ईरान के लगभग 50 बड़े शहरों में आंदोलन जारी है. खामेनेई सरकार ने बढ़ते बवाल को देखते हुए इंटरनेट और फोन सेवा बंद कर दी, जिसके बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया. इसके बाद कई शहरों में तोड़फोड़ और आगजनी की भी घटना सामने आई. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक ईरान में अब तक 62 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान में बढ़ती हुई हिंसा को देखते हुए अमेरिका ने भी खामेनेई सरकार को चेतावनी दी है.
क्या बोले ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा, ‘ईरान बड़ी मुसीबत में है. लोग कुछ ऐसे शहरों पर कब्जा कर रहे हैं जिनके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था. हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. अगर वे (ईरान सरकार) पहले की तरह लोगों को मारना शुरू कर देते हैं, तो हमको बीच में दखल देना होगा. हम उन पर वहीं करारा प्रहार करेंगे जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होगा. ईरान ने अपने लोगों के साथ बुरा बर्ताव किया और अब उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. हम इस पर कड़ी नजर रख रहे हैं.’
डोनाल्ड ट्रंप ने दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान की सरकार को एक बार फिर चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि बेहतर होगा कि आप गोलीबारी शुरू न करें, क्योंकि हम भी गोलीबारी शुरू कर देंगे. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान सरकार से प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी नहीं करने की अपील की है. इसके बावजूद ट्रंप की बातों को ईरान ने अनदेखा किया.
डाक्टर का दावा- कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत
ट्रंप की इस चेतावनी के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने नजरअंदाज करते हुए देश में चल रही अशांति के लिए विदेशी हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराया है. ईरान में हो रहे प्रदर्शनों के बढ़ने के बाद, अली खामेनेई के निर्देश पर सुरक्षा बलों ने कई जगहों पर बल प्रयोग किया है. जिसमें तेहरान के एक डॉक्टर ने दावा करते हुए बताया कि सिर्फ छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें से अधिकांश की मौत गोली लगने से हुई है.
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