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रायपुर में सट्टा बाजार गर्म: पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, करोड़ों के दांव का खुलासा

रायपुर/नई दिल्ली। राजधानी रायपुर में इन दिनों क्रिकेट सट्टा बाजार चरम पर है। हालांकि पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद पुलिस ने सटोरियों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है। ड्रोन, साइबर एक्सपर्ट और स्पेशल विंग की मदद से होटल, फार्महाउस और पॉश कॉलोनियों में छापेमारी की जा रही है।

बड़े मैचों पर हजारों करोड़ का दांव
हाल ही में हुए भारत-पाकिस्तान टी-20 मुकाबले पर करीब 3000 करोड़ रुपये का सट्टा लगाए जाने की चर्चा है। इसी तरह ऑस्ट्रेलिया-श्रीलंका मैच पर लगभग 3500 करोड़ रुपये के दांव की बात सामने आई है। सट्टेबाजों के अनुसार भारतीय टीम को फेवरेट माना गया था और परिणाम भी उसी अनुमान के मुताबिक आया।

जनमानस में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्रिकेट मैचों में सट्टेबाजों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। हालांकि पुलिस प्रशासन इन दावों की पुष्टि नहीं करता, लेकिन अवैध सट्टेबाजी पर कार्रवाई लगातार जारी है।

50 लाख कैश के साथ 4 सटोरिए गिरफ्तार
रायपुर पुलिस ने गंज थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 50 लाख 35 हजार रुपये नकद के साथ 4 सटोरियों को गिरफ्तार किया। आरोपी ऑनलाइन सट्टा खिलाने और बेटिंग ऐप बेचने का काम कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये होल्ड भी कराए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में रितेश गोविंदानी (खम्हारडीह), मोहम्मद अतहर (मौदहापारा), विक्रम राजकोरी (डीडी नगर) और सागर पिंजानी (पुरानी बस्ती) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास ऑनलाइन बेटिंग साइट्स की मास्टर आईडी थी, जिससे वे सट्टा संचालित कर रहे थे।

ड्रोन और साइबर सिस्टम से निगरानी
पुलिस ने बताया कि क्रिकेट वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजनों के दौरान पुराने और सक्रिय सटोरिए तेजी से सक्रिय हो जाते हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर ड्रोन और साइबर तकनीक से लोकेशन ट्रेस कर छापेमारी शुरू की है। पिछले एक सप्ताह में कई खाईवाल और सटोरियों के गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है।

बड़े नाम अब भी गिरफ्त से बाहर
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में कुछ बड़े नाम अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि सटोरियों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं।

राजधानी में हर दिन सट्टा ऑपरेशन के तहत कार्रवाई हो रही है, लेकिन मास्टरमाइंड तक पहुंचना अभी भी चुनौती बना हुआ है।

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