CGPSC Scam: ED का बड़ा एक्शन, भिलाई में रिटायर IAS जेके ध्रुव और रायपुर में आरती वासनिक के घर पर मारी रेड

CGPSC Scam: छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाले ED ने बड़ा एक्शन लिया है. बुधवार सुबह ED की टीम ने राजधानी रायपुर और भिलाई में दबिश दी. भिलाई के सेक्टर-10 स्थित पूर्व CGPSC सचिव जेके ध्रुव के निवास पर सुबह से छापेमारी की कार्रवाई जारी है. वहीं रायपुर में पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के घर पर भी दबिश दी गई है.

भिलाई और रायपुर में ED की रेड
जानकारी के अनुसार, ED की टीम चार सफेद रंग की इनोवा वाहनों में सवार होकर सुबह करीब 6 बजे इस्पात नगरी भिलाई पहुंची. इसके बाद टीम ने सेक्टर-10, स्ट्रीट नंबर-44 स्थित जेके ध्रुव के निवास पर जांच शुरू की. जांच एजेंसी घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है.

वहीं भिलाई के अलावा ईडी की टीम ने राजधानी रायपुर में पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के घर दबिश दी. यहां सुबह से ईडी की टीम जांच कर रही है.

पीएससी भर्ती घोटाला मामले में रही भूमिका
CBI जांच में खुलासा हुआ कि इन अधिकारियों की अपने रिश्तेदारों और रसूखदारों के करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए पेपर लीक करने और चयन प्रक्रिया में धांधली करने में प्रमुख भूमिका रही. CBI ने दलील दी कि, साल 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षा में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गईं. आरोप है कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्तेदारों और करीबी लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया. जांच में सामने आया कि एक निजी कंपनी से सीएसआर मद के तहत 45 लाख रुपए एक एनजीओ को दिए गए. जिसकी अध्यक्ष सोनवानी की पत्नी थीं. इसके बदले प्रश्नपत्र लीक किए गए.

क्या है CGPSC घोटाला?
साल 2020 से 2022 के दौरान डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई पदों के लिए हुई CGPSC परीक्षा में टामन सोनवानी के रिश्तेदार समेत कुछ VIP लोगों के करीबी रिश्तेदारों के चयन पर सवाल उठे थे. इन्हीं आरोपों के आधार पर CBI ने मामला दर्ज किया था. इस केस की जांच जारी है. इस मामले में CBI की टीम CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

सीबीआई ने यह मामला (RC1242024A0004) 9 जुलाई 2024 को दर्ज किया था, जो छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 16 फरवरी और 10 अप्रैल 2024 को जारी अधिसूचनाओं के आधार पर हुआ. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव और अन्य अधिकारी, 2020 से 2022 के बीच आयोजित परीक्षाओं और साक्षात्कारों में अपने पुत्र, पुत्री और रिश्तेदारों का चयन करवाने में शामिल थे. 2021 भर्ती प्रक्रिया में ही 1,29,206 उम्मीदवारों ने प्रारंभिक परीक्षा दी, जिनमें से 2,548 मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए. इनमें 509 अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार चरण पार किया और 170 को विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया.

Check Also

Balod Suicide Case: एकलव्य आवासीय विद्यालय में 10वीं के छात्र की मौत, कमरा नंबर 16 में फांसी पर लटका मिला शव

Balod: छत्तीसगढ़ के बालोद से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बालोद जिले के डौंडी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *