Surajpur: एक तरफ देश में पेपर लीक को लेकर सरकार कड़ा कानून बनाने की तैयारी में तो वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में कुछ शिक्षक ही शिक्षा व्यवस्था का जनाजा निकालने पर उतारू है. मामला विकासखंड ओड़गी के ग्राम पंचायत कर्री का है. यहां से शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही की ऐसी तस्वीर सामने आई हैं जिसने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए है.
कुल 9 शिक्षक पदस्थ लेकिन 8 गायब
दरअसल इलाके के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में कुल 9 शिक्षक पदस्थ हैं, लेकिन शनिवार को मौके पर दोनों स्कूलों को मिलाकर कुल 1 ही टीजर मौजूद मिले. बाकी 8 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए. एकमात्र उपस्थित शिक्षक सूरज कुमार दोनों विद्यालयों की जिम्मेदारी संभालते हुए नजर आए. इस पर सूरज कुमार ने बताया कि कुछ शिक्षक छुट्टी पर है वहीं कुछ बिना कोई सूचना के आज स्कूल नहीं आए हैं.
बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित
इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों की अनुपस्थिति से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है. कक्षाओं में कई बच्चे बिना पढ़ाई के इधर-उधर बैठे मिले. जब उनसे सामान्य ज्ञान और गणित से जुड़े आसान प्रश्न पूछे गए, तो अधिकांश बच्चे उत्तर नहीं दे सके. बच्चों ने बताया कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में भोजन नहीं दिया जाता.
ग्रामीणों ने लगाए आरोप
इतना ही नहीं प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक देवीप्रसाद पैकरा पर आरोप है कि पदभार ग्रहण करने के बाद से वे विद्यालय नहीं आए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण नहीं होने के कारण शिक्षकों में अनुशासन खत्म होता जा रहा है.
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