125 Employees Paid Money: राम मंदिर अयोध्या में चढ़ावा चोरी के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस उन दावों की पड़ताल करने में जुट गई है. जिसमें राम मंदिर में नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी. यानी अब मंदिर में हुई नियुक्तियों की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है. फिलहाल, राम मंदिर से जुड़े सभी आरोपों की जांच की जा रही है.
पुलिस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के घर पर रेड मारी, तो काफी कीमती सामान और नकदी मिली है. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ और तेज कर दी है. हाल ही में एक आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकाने पर जब पुलिस ने दबिश दी तो वहां से कुछ ऐसे इनपुट मिले, जिन्होंने जांच की दिशा ही बदल दी.
125 कर्मचारियों की हुई थी नियुक्ति
जानकारी के अनुसार अविनाश ने ट्रस्ट के एक सदस्य का बार-बार जिक्र किया, जिसके आधार पर पुलिस ने उनकी भूमिका की भी जांच शुरू कर दी. पुलिस की नजर अब मंदिर में की गई नियुक्तियों पर जाकर टिक गई है कि कहीं मंदिर में नियुक्तियों के दौरान किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता तो नहीं हुई. क्योंकि जांच में दावा किया गया था कि राम मंदिर में कई पदों पर करीब 125 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी. उनसे नौकरी के बदले पैसे लिए गए थे.
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल अब पुलिस की टीम यह जांच करने में जुट गई है कि इन दावों पर आखिर कितनी सच्चाई है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यह भर्ती सिर्फ कुछ लोगों के द्वारा ही गई थी या फिर किसी संगठित नेटवर्क का हाथ रहा है. नियुक्तियां किसके निर्देश पर और किन आधारों पर हुई, इसकी जांच की जा रही है.
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