Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो गई हैं. उनका राजकीय अंतिम विदाई समारोह 4 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई 2026 तक चलेगा. इस दौरान तेहरान, क़ोम और मशहद में अलग-अलग धार्मिक और राजकीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. अंतिम रूप से 9 जुलाई को उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक (दफन) किया जाएगा, खास बात यह है कि जहां पर उनका जन्म हुआ था वहीं उनको दफन किया जाएगा.
खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हमले में हुई थी. उस समय ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष तेज था, इसलिए सुरक्षा कारणों और युद्ध की स्थिति को देखते हुए उनका अंतिम संस्कार टाल दिया गया था. अब करीब चार महीने बाद युद्ध विराम के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई है.
कैसे होगा अंतिम संस्कार
अंतिम संस्कार कार्यक्रम के तहत 4 जुलाई को तेहरान में श्रद्धांजलि सभा और लोगों के अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई है. इसके बाद शव को विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ले जाया जाएगा. लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है और पूरे ईरान में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. 9 जुलाई को मशहद में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
भारत से कौन होगा शामिल?
भारत की ओर से इस समारोह में विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में शामिल हो रहे हैं. उनके साथ विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद हैं. भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि यही आधिकारिक भारतीय प्रतिनिधिमंडल है.
इसके अलावा कांग्रेस की ओर से पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद भी तेहरान पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, न कि भारत सरकार का. वहीं कुछ अन्य भारतीय नेताओं को भी ईरान की ओर से निमंत्रण मिला है.
कौन-कौन देश हो रहे अंतिम संस्कार में शामिल?
दुनियाभर के कई देशों के प्रतिनिधि ईरान पहुंचे हैं. इनमें रूस, चीन, पाकिस्तान, जॉर्जिया, क्यूबा, आर्मेनिया , सीरिया, लेबनान, इराक, मोरक्को और तुर्किए समेत अन्य देशों का प्रतिनिधिमंडल भी ईरान पहुंचा है.
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा था, लेकिन पूर्व निर्धारित विदेश दौरे के कारण वह इसमें शामिल नहीं हो सके. हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पेजेशकियन से फोन पर बातचीत कर खामेनेई के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की.
उन्होंने कहा कि भारत इस दुख की घड़ी में ईरान की जनता के साथ खड़ा है. साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच पुराने और मजबूत संबंधों का भी उल्लेख किया तथा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया.
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