भूकंपरोधी बुलेट ट्रेन से लेकर AI तक…एशिया में बजेगा भारत का डंका, ऐसे ही नहीं जापान जा रहे हैं PM मोदी

PM Modi Japan Visit: पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर जापान जा रहे हैं, जहां वे अपने जापानी समकक्ष शिगेरु इशिबा से मिलेंगे. यह उनकी जापान की आठवीं यात्रा है. इस दौरे में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी, जो न सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करेगी, बल्कि एशिया में रणनीतिक और आर्थिक संतुलन भी बनाएगी. पीएम मोदी गुरुवार यानी आज ही जापान के लिए रवाना हो रहे हैं.

बुलेट ट्रेन का नया अध्याय
इस यात्रा का एक रोमांचक पहलू है पीएम मोदी और पीएम इशिबा का सेंडाई शहर तक बुलेट ट्रेन में सफर. सेंडाई एक महत्वपूर्ण औद्योगिक शहर है, जो सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए जाना जाता है. यह यात्रा सिर्फ एक सैर नहीं, बल्कि भारत में हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं में जापान की भागीदारी को और आगे बढ़ाने का संकेत है.

इस दौरान, जापान भारत को अपनी नई E10 सीरीज की बुलेट ट्रेन का ऑफर देने जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भूकंप के दौरान भी पटरी से नहीं उतरती और भविष्य में पूरी तरह से ड्राइवरलेस भी चलाई जा सकती है. अगर यह तकनीक भारत आती है, तो हमारी हाई-स्पीड रेल परियोजनाएं दुनिया की सबसे सुरक्षित और आधुनिक परियोजनाओं में शामिल हो जाएंगी.

आपको बता दें कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) करीब 88,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, जो इस प्रोजेक्ट की कुल लागत का 81% है.

सुरक्षा और टेक्नोलॉजी पर बड़ी पहल
भारत और जापान मिलकर एक नई आर्थिक सुरक्षा पहल (Economic Security initiative) शुरू करने जा रहे हैं, जिसका लक्ष्य दोनों देशों को महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी और संसाधनों के लिए आत्मनिर्भर बनाना है. इसमें पांच प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं.

सेमीकंडक्टर: दोनों देश मिलकर चिप्स बनाने की क्षमता बढ़ाएंगे, ताकि इनकी सप्लाई के लिए किसी और देश पर निर्भर न रहना पड़े.

क्रिटिकल मिनरल्स: इलेक्ट्रिक वाहनों और आधुनिक गैजेट्स के लिए ज़रूरी खनिजों की सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): AI जैसी भविष्य की टेक्नोलॉजी में दोनों देश मिलकर रिसर्च और विकास करेंगे.

टेलीकम्युनिकेशन: 5G और 6G जैसी आधुनिक संचार तकनीकों पर सहयोग को बढ़ावा मिलेगा.

स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy): ग्रीन हाइड्रोजन जैसी स्वच्छ ऊर्जा के स्रोतों पर मिलकर काम किया जाएगा, जिससे पर्यावरण को भी फायदा होगा.

लोकतांत्रिक मूल्यों की साझेदारी-विक्रांत मिस्री
विदेश सचिव विक्रांत मिस्री के अनुसार, भारत और जापान दोनों ही दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों में से हैं. दोनों देश आपसी विश्वास और रणनीतिक सोच साझा करते हैं. यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि दुनिया को यह भी दिखाएगी कि भारत और जापान मिलकर भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं. यह शिखर सम्मेलन दोनों देशों के बीच संवाद का सबसे उच्च स्तरीय मंच है.

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