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मुखिया के विभाग में नाक के नीचे लूट, कहां है जीरो टालरेंस ?

देश में जब 2014 में भाजपा की सरकार केंद्र में बनी थी, तब पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था न खाऊंगा, न खाने दूंगा। तब लोगों को लगा कि शायद संघ की कक्षा में पढ़ लिखकर आए लोग जनता की सेवा करने में तत्पर हैं। उसे देखते हुए राज्य में भी कांग्रेस सरकार की कई खामियों को देखते हुए जनता ने भाजपा की सरकार बना दी। सरकार बनने के तत्काल बाद सरगुजा संभाग और मुख्यमंत्री के क्षेत्र से जुड़े लोगों को वर्चस्व बना हुआ है। यहां पर बता दें कि पूरे मंत्रिमंडल में सरगुजा संभाग के लोगों को अधिक संख्या में स्थान मिला है।

सरकार की छवि बनाने के लिए जनसंपर्क विभाग जुटा हुआ है। यहां पर सीएम के कार्यक्रमों को चैनलों में लाइव दिखाने के लिए खासा खर्च किया जाता है। वहीं जनसंपर्क विभाग अपनी तरफ से कई कार्यक्रमों को सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म में चलाने के उद्देश्य से लाइव कराते है। एक कार्यक्रम का लाइव कराने मेें करीब 6 लाख रुपए का खर्च होता है। यहां पर एक कैमरे के लिए 1 लाख का भुगतान किया जाता है। यहां पर भी सूरजपुर के रवि अग्रवाल को ठेका मिला हुआ है। ठेके के शर्ताे को देखें तो उसके नार्मस में खरे न उतरने के बाद भी उन्हें अफसर अपनी शह पर पिछले कई सालों से बनाए रखे हैं।

चेहरा चमकाने असिमित बजट
सरकार का चेहरा चमकाने के लिए विशेष तौर पर भारी भरकम बजट रखा गया है। यहां के अफसर भी इसी बहाने अपना चेहरा चमकाने में लगे हैं। बताया जाता है कि पिछले कई सालों से इस काम के लिए ठेका नहीं किया गया है। प्रोवीजनल आधार पर उसी व्यक्ति को काम दे दिया जाता है। विभाग में आईटी विंग भी बना हुआ है। यहां पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से लेकर यू-ट्यूब, पोर्टल को बिना किसी नार्मस के अपने चहेते लोगों को हर माह विज्ञापन के नाम से करोड़ों लुटाया जा रहा है। वैसे विभाग का काम सरकार के योजनाओं का प्रचार प्रसार करते हुए सरकार के कामकाज को जनता के समक्ष रखने का है। देखा जाए तो इस काम के लिए उनके स्वयं के अफसर लगे हैं।

करोड़ों फूंके पर, नहीं मिल रहा रिजल्ट
वैसे देखा जाए तो सजने सवरने के लिए शहरों में खोले गए व्यूटी पार्लर में मनमाने दाम लिए जाते हैं। कौन सा क्रीम कितना लगाया उसका कोई हिसाब नहीं रहता, लेकिन ग्राहक से एक बार में पूरी ट्यूब की राशि वसूल कर ली जाती है। यहां पर अपने चेहरे को साफ कराने जाने वाले को केवल एक दिन की मेकअप से मतलब होता है। पानी में धूलते ही उसका रंग उतर जाता है। यही काम सरकार के मुखिया का यह विभाग ब्यूटीपार्लर की तरह ही काम कर रहा है। यहां पर अफसर और उसको चलाने वाले फूल मेकअप में दिख रहे हैं। आखिर लूट का मॉल कहीं तो लगेगा।

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